छत्तीसगढ़-बिलासपुर से गुजरने वाली 4 ट्रेनें रद्द

बिलासपुर।

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर रेल मंडल में लखोली-रायपुर रेल खंड के बीच तीन पुराने ब्रिजों के कायाकल्प सहित अन्य सुधारात्मक कार्य किए जाएंगे. इन कार्यों के चलते कई ट्रेनों का परिचालन प्रभावित रहेगा. इसके साथ ही एक ट्रेन का परिचालन अपने निर्धारित समय से देरी से होगा. रेलवे प्रशासन ने इन बदलावों की जानकारी देते हुए यात्रियों से सहयोग की अपील की है.

रद्द की गई ट्रेनें: —
टिटलागढ़-रायपुर स्पेशल (08277):
दिनांक 25 नवंबर, 02 दिसंबर, और 09 दिसंबर 2024 को रद्द.
रायपुर-टिटलागढ़ स्पेशल (08278):
दिनांक 26 नवंबर, 03 दिसंबर, और 10 दिसंबर 2024 को रद्द.

विशाखापत्तनम-रायपुर स्पेशल (08528):
दिनांक 25 नवंबर, 02 दिसंबर, और 09 दिसंबर 2024 को रद्द.
रायपुर-विशाखापत्तनम स्पेशल (08527):
दिनांक 26 नवंबर, 03 दिसंबर, और 10 दिसंबर 2024 को रद्द.
देरी से चलने वाली ट्रेनें:
विशाखापत्तनम-दुर्ग एक्सप्रेस (18530):
दिनांक 25 नवंबर, 02 दिसंबर, और 09 दिसंबर 2024 को यह ट्रेन 3 घंटे देरी से रवाना होगी.

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति