युद्ध के बीच इजरायल को बड़ी सफलता, यूरोपीय देश को देगी हर्मेस 900 किलर ड्रोन, अडानी की होगी बल्‍ले-बल्‍ले

तेलअवीव
 गाजा और लेबनान युद्ध के बीच इजरायल को बड़ी सफलता मिली है। इजरायल की डिफेंस कंपनी इल्बिट सिस्‍टम लिम‍िटेड ने ऐलान किया है कि उसे एक अनाम यूरोपीय देश से 33 करोड़ 50 लाख डॉलर का ऑर्डर मिला है। इजरायल की यह दिग्‍गज हथियार निर्माता कंपनी अत्‍याधुनिक रॉकेट लॉन्‍चर पल्‍स और हर्मेस 900 किलर ड्रोन सप्‍लाई करने जा रही है। यह वही हर्मेस 900 ड्रोन है जिसका इस्‍तेमाल इजरायली सेना गाजा से लेकर लेबनान तक तबाही मचाने में कर रही है। इस ड्रोन और रॉकेट की मदद से यह यूरोपीय देश अपनी रक्षा क्षमता को कई गुना बढ़ा सकेगा। वहीं इस करोड़ों डॉलर की डील से भारत की हथियार निर्माता कंपनी अडानी डिफेंस को भी बड़ा फायदा होने जा रहा है।

इजरायल का पल्‍स भारत के पिनाका की तरह से ही एक बेहद कम कीमत वाला सिस्‍टम है जो रॉकेट से लेकर सटीक हमला करने वाली मिसाइलों को दाग सकता है। वहीं हर्मेस 900 की बात करें तो यह इल्बिट कंपनी का सबसे बड़ा ड्रोन विमान है। यह किलर ड्रोन मध्‍यम ऊंचाई और लंबे समय तक हवा में उड़ान भरने के लिहाज से बेहद फायदेमंद है। यह ड्रोन विमान जमीन से लेकर समुद्र तक जासूसी, निगरानी और लक्ष्‍य को तबाह करने की क्षमता से लैस है। इस ड्रोन विमान को साल 2011 में दुनिया के सामने इजरायली कंपनी ने पेश किया था।

भारत में बनेगा हर्मेस 900 ड्रोन

भारत समेत दुनिया के करीब 20 देश हर्मेस 900 ड्रोन का इस्‍तेमाल करते हैं। इल्बिट के सीईओ बेझालेल मचलिस ने एक बयान में कहा कि इन हथियारों की डील से हमें यूरोपीय ग्राहक को सपोर्ट करके गर्व महसूस हो रहा है जो काफी प्रभावी हैं और कहीं भी इसका इस्‍तेमाल किया जा सकता है। उन्‍होंने कहा कि हर्मेस 900 ड्रोन कई तरह के मिशन जरूरतों को पूरा करने के लिए डिजाइन किया गया है। कंपनी ने जोर देकर कहा है कि वह इस विश्‍वसनीय ड्रोन की आपूर्ति करने के लिए प्रतिबद्ध है।

इजरायल और यूरोपीय देश के बीच इस हर्मेस 900 ड्रोन डील से भारत को बड़ा फायदा होने जा रहा है जो अब हथियार निर्माण के बड़े हब के रूप में उभर रहा है। इससे भारत की दिग्‍गज कंपनी अडानी डिफेंस की बल्‍ले-बल्‍ले होने जा रही है। आईडीआरडब्‍ल्‍यू की रिपोर्ट के मुताबिक हर्मेस 900 ड्रोन को भारत में हैदराबाद स्थित अडानी डिफेंस की कंपनी में बनाया जाएगा और यही से इसका निर्यात यूरोपीय देश को किया जाएगा। इस ताजा डील से वैश्विक हथियार बाजार में भारत की भूमिका काफी बढ़ने जा रही है।

जानें कितना खास है हर्मेस 900

अडानी डिफंस ने इल्बिट के साथ मिलकर इस ड्रोन को भारत में बना रही है। इस ड्रोन को भारतीय सेनाओं को सौंपा गया है और गाजा युद्ध के बीच इजरायल ने भी भारत से यह ड्रोन लिया है। यही नहीं हर्मेस 900 ड्रोन के कई कलपुर्जों को भारत में मौजूद अन्‍य कंपनियों से भी खरीदा जाएगा जिससे उन्‍हें भी फायदा होने जा रहा है। हर्मेस 900 ड्रोन हाई क्‍वालिटी की तस्‍वीरें खींचने में माहिर है जिससे खरीदने वाले देश को अपना फैसला लेने में आसानी होगी। हर्मेस 900 ड्रोन करीब 30 घंटे तक हवा में रह सकता है और करीब 30 हजार फुट की ऊंचाई पर उड़ान भर सकता है। इसका वजन 970 किलोग्राम है। यह 300 किलो पेलोड ले जा सकता है। इसमें कई तरह के सेंसर लगे हैं जो भागते हुए लक्ष्‍य की भी पहचान कर लेते हैं।

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