नवनीत राणा ने मनाया जीत का जश्न, जमकर किया डांस; MVA की ली मौज

नई दिल्ली.
महाराष्ट्र में महायुति गठबंधन ने प्रचंड जीत हासिल की है। वहीं, भाजपा का भी प्रदर्शन जबरदस्त रहा। अमरावती की बडनेरा सीट से नवनीत राणा के पति ने जीत हासिल की। पति की जीत पर नवनीत राणा ने जमकर डांस किया। पति की जीत के बाद नवनीत राणा ने विजय जुलूस निकाला। बता दें कि चार महीने पहले हुई लोकसभा चुनाव में उन्होंने भाजपा की टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ा था। हालांकि, उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। हार को भुलाते हुए उन्होंने अपनी पति की जीत पर जमकर जश्न मनाया। वहीं, उन्होंने अपने चिरपरिचित अंदाज में महाविकास अघाड़ी दल की जमकर मौज भी ली। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वो कहते हुए दिख रहीं हैं, अरे भाई महाराष्ट्र में क्या खिला? उनके साथ मौजूद महिलाएं जवाब दे रहीं हैं, कमल खिला।

49 सीटों पर सिमटी एमवीए
288 सदस्यों वाली विधानसभा में सत्तारूढ़ गठबंधन को 236 सीटें मिलीं और विपक्षी गठबंधन महाविकास आघाड़ी (मविआ) 46 सीटों पर सिमट गया। महायुति को मिली सीटें महाराष्ट्र के विधानसभा चुनाव में किसी पार्टी या गठबंधन को अब तक मिली सर्वाधिक सीटें हैं। इससे पहले 1972 में कांग्रेस को 222 सीटें मिली थीं।

एकनाथ शिंदे ने किया कमाल
इस बार एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना को 57 सीटें मिली हैं, जबकि 2019 में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना को 56 सीटें ही मिल सकी थीं। शिवसेना का स्ट्राइक रेट इस बार 67.90 प्रतिशत रहा है। इसी प्रकार अजीत पवार के नेतृत्व वाली राकांपा को 41 सीटें मिलीं। उनका यह प्रदर्शन लोकसभा चुनाव की तुलना में काफी बेहतर रहा है। खुद अजीत पवार ने बारामती विधानसभा क्षेत्र में अपने सगे भतीजे एवं राकांपा (शरदचंद्र पवार) के उम्मीदवार युगेंद्र पवार को 1,16,182 मतों से हराया है।

admin

Related Posts

हवाई हादसों का दर्दनाक इतिहास: अजित पवार दुर्घटना से पहले इन 11 दिग्गजों की भी ऐसे ही हुई थी मौत

नई दिल्ली बुधवार की सुबह महाराष्ट्र और देश की राजनीति के लिए गहरे शोक की खबर लेकर आई, जब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की एक…

हमें पता है क्या हो रहा है — UGC रेगुलेशन मामले में दखल देगा सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली जातिगत भेदभाव से जुड़े UGC के नए नियमों के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है। शीर्ष न्यायालय ने बुधवार को इस…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति