राजगढ़ में अनियंत्रित होकर पलटा ऑटो रिक्शा, सास-बहू की मौत

राजगढ़.
जिला मुख्यालय पर शनिवार को एक ऑटो रिक्शा अनियंत्रित होकर पलट गया। इस हादसे में ऑटो रिक्शा में सवार सास-बहू की मौत हो गई। यह परिवार खिलचीपुर में बड़े और छोटे महाराज का दर्शन कर लौट रहा था, तभी आरोग्य अस्पताल के पास यह हादसा हो गया। पुलिस ने मर्ग कायम कर हादसे की जांच शुरू कर दी हे।

ब्यावरा के सुठालिया रोड रविशंकर नगर में रहने वाला साहू परिवार शनिवार सुबह बड़े व छोटे महाराज के दर्शन करने के लिए खिलचीपुर गए थे। परिवार के घनश्याम साहू (35) ने बताया कि खिलचीपुर पहुंचकर मां रमाबाई (60) पत्नी सोनूबाई (30) के साथ दर्शन किए। इसके बाद करीब 11 बजे बाद वह ब्यावरा लौटने के लिए ऑटो रिक्शा में सवार होकर निकले थे।

जैसे ही ऑटो रिक्शा ब्यावरा रोड पर आरोग्य अस्पताल के समीप पहुंचा, तभी ड्राइवर ने मोड़ पर अचानक गियर बदला। इसके साथ ही ऑटो रिक्शा अनियंत्रित होकर पलट गया। इस हादसे में रमाबाई व घनश्याम ऑटो रिक्शा से उछलकर बाहर जा गिरे, जबकि सोनूबाई उसके नीचे दब गई थीं।

हादसा होते देख आसपास के लोग मदद के लिए दौड़े और ऑटो को सीधा कर उसके नीचे फंसे लोगों को बाहर निकाला। घायलों को तत्काल एंबुलेंस की मदद जिला अस्पताल भिजवाया गया, यहां जांच के दौरान डॉक्टरों ने सास रमाबाई और बहू सोनूबाई को मृत घोषित कर दिया।

घायल घनश्याम ने बताया कि हम घर के लिए लौट रहे थे। नहीं सोचा था कि इस तरह का हादसा होगा। हम घर पहुंचते, इसके पहले ही हमारा परिवार उजड़ गया। सबकुछ खत्म हो गया। अब कुछ नहीं बचा। घटना की जानकारी लगने पर ब्यावरा से भी समाजजन व मिलने वाले राजगढ़ पहुंच गए थे।

  • admin

    Related Posts

    अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

    अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

    मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

    रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति