पीटीआई के विरोध मार्च को निशाना बनाकर आतंकवादी हमले की दी चेतावनी: एनएसीटीए

इस्लामाबाद
राष्ट्रीय आतंकवाद निरोधक प्राधिकरण (एनएसीटीए) ने पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के विरोध मार्च को निशाना बनाकर संभावित आतंकवादी हमले की चेतावनी दी है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, गुरुवार को जारी किया गया एक अलर्ट, जो शनिवार को मीडिया में सामने आया, में कई स्रोतों से मिली जानकारी का हवाला दिया गया है। इसमें बताया गया कि प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के आतंकवादी अफगानिस्तान से पाकिस्तान में प्रवेश कर चुके हैं और प्रमुख शहरों में घुसपैठ कर चुके हैं।

एनएसीटीए ने समूह की पहचान फितना अल-खवारिज के रूप में की है, जिसे पहले तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के नाम से जाना जाता था। यह आतंकवादी कथित तौर पर 19-20 नवंबर की रात को पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा के जरिए पाकिस्तान में घुसे थे। प्राधिकरण ने चेतावनी दी है कि आतंकवादी पीटीआई की सार्वजनिक सभा को हमले के अवसर के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं। जवाब में, राजधानी भर में सुरक्षा उपायों को काफी मजबूत किया गया है, अधिकारियों को सतर्क रहने और किसी भी संभावित खतरे से सुरक्षित रहने के निर्देश दिए गए हैं।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इससे पहले शनिवार को गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने पीटीआई के अध्यक्ष बैरिस्टर गौहर से संपर्क किया था। इस दौरान उन्होंने यह सूचित किया था कि सरकार उच्च-स्तरीय बेलारूसी प्रतिनिधिमंडल की यात्रा के दौरान इस्लामाबाद में किसी भी तरह के धरना या रैलियों की अनुमति नहीं देगी। नकवी ने सुरक्षा चिंताओं को इस निर्णय का कारण बताया। बेलारूसी राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल 24 से 27 नवंबर तक दौरा करने वाले हैं।

24 नवंबर को पीटीआई के विरोध-प्रदर्शन से पहले सरकार ने तीन दिनों के लिए पंजाब भर में धारा 144 लागू करते हुए इस्लामाबाद में हजारों सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया। अधिकारियों ने श्रीनगर हाईवे, जीटी रोड और इस्लामाबाद एयरपोर्ट से जुड़ने वाले रेड जोन की ओर जाने वाले प्रमुख मार्गों को सील कर दिया है। कई प्रवेश बिंदुओं पर कंटेनर रखे गए हैं, जबकि रेंजर्स, पुलिस और फ्रंटियर कोर के कर्मियों को संवेदनशील स्थानों, खासकर डी-चौक के आसपास तैनात किया गया है।

अन्य एहतियाती उपायों में इस्लामाबाद, खैबर पख्तूनख्वा और पंजाब में इंटरनेट और मोबाइल सेवाओं का आंशिक निलंबन शामिल है। इस्लामाबाद और रावलपिंडी में मेट्रो बस सेवाओं जैसे सार्वजनिक परिवहन को रोक दिया गया है। इसके अलावा, विरोध-प्रदर्शन और हाई-प्रोफाइल यात्रा के दौरान सुरक्षा भंग होने से बचाने के लिए फैजाबाद के सभी बस टर्मिनलों पर बैरिकेडिंग की गई है। सुरक्षा बढ़ाए जाने से सरकार की चिंता स्पष्ट होती है, जैसे कि संभावित आतंकवादी खतरा और राजधानी में बढ़ते तनाव के बीच सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करना।

admin

Related Posts

हवाई हादसों का दर्दनाक इतिहास: अजित पवार दुर्घटना से पहले इन 11 दिग्गजों की भी ऐसे ही हुई थी मौत

नई दिल्ली बुधवार की सुबह महाराष्ट्र और देश की राजनीति के लिए गहरे शोक की खबर लेकर आई, जब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की एक…

हमें पता है क्या हो रहा है — UGC रेगुलेशन मामले में दखल देगा सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली जातिगत भेदभाव से जुड़े UGC के नए नियमों के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है। शीर्ष न्यायालय ने बुधवार को इस…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति