राजधानी में इज्तिमा की तैयारियां अंतिम चरण में, क्लीन, ग्रीन के साथ प्लास्टिक-फ्री भी होगा आयोजन

भोपाल
भोपाल के ईंटखेड़ी स्थित घासीपुरा में शुक्रवार 29 नवंबर से शुरू होने वाले आलमी तब्लीगी इज्तिमा में इस बार 100 एकड़ क्षेत्र में पंडाल लगाया गया है, जहां प्रदेश सहित देशभर से आने वाली जमातों को ठहराया जाएगा।

इधर, भारी तादाद में आने वाले वाहनों को व्यवस्थित खड़े करने और ट्रैफिक जाम से बचाने के लिए दो हजार वालेंटियर्स तैयार किए गए हैं। इन वालेंटियर्स की अलग-अलग जगहों पर तैनाती की जाएगी। यह वालेंटियर्स रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और शहर के प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक का संचालन करेंगे। इधर, इज्तिमा स्थल पर अलग-अलग कामों के लिए 25 हजार वालेंटियर्स को तैनात किया जा रहा है। इज्तिमा में शिरकत के लिए अमेरिका, इंग्लैंड, तुर्की सहित 100 से अधिक देशों की जमातों के शामिल होने की उम्मीद है।

दो महीने से चल रही तैयारियां
29 नवंबर से शुरू होने वाले इज्तिमा की तैयारियां दो महीने पहले शुरू हो गई थीं। पिछले साल हुए इज्तिमा को क्लीन, ग्रीन और डस्ट मुक्त इज्तिमा का नाम दिया गया था। इस बार इसे प्लास्टिक मुक्त इज्तिमा के नाम से जाना जाएगा। इंतेजामिया कमेटी के प्रवक्ता उमर हफीज खान ने बताया कि इस बार इज्तिमागाह पर धूल वाले क्षेत्रों में पानी का छिड़काव किया जाएगा।

इस बार भी फूड जोन में पॉलीथिन और तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर रोक रहेगी। प्लास्टिक पर पूरी तरह से रोक रहेगी। पानी की बोतलों को एकत्रित कर डिस्पोज किया जाएगा। शनिवार को संभागायुक्त संजीव सिंह ने इज्तिमा के इंतजामों का जायजा लिया। इस मौके पर उन्होंने नगर निगम, बिजली, पीएचई, पीडब्ल्यूडी, स्वास्थ्य सहित अन्य सरकारी विभागों के अधिकारियों को समन्वय से काम करने की हिदायत दी।

100 एकड़ में पंडाल, 65 पार्किंग
इज्तिमा में आने वाले बंदों की तादाद को देखते हुए इस बार 100 एकड़ क्षेत्र में पंडाल लगाया गया है। जमातियों की तादाद को देखते हुए इसे बढ़ाया भी जा सकता है। इधर, अलग-अलग क्षेत्रों से आने वाले जमातियों के वाहनों के लिए 65 पार्किंग बनाई गई हैं। चालीस फूड और 25 नाश्ते के जोन रहेंगे, जहां रियायती दरों में खाद्य सामग्री बेची जा सकेगी।

इमरजेंसी कॉरिडोर रहेगा आरक्षित
चार दिनी इज्तिमा के आयोजन को लेकर इस बार भी इमरजेंसी कॉरिडोर बनाया गया है, जहां फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस आसानी से पहुंच सकेगी। इस रास्ते पर किसी अन्य को जाने की इजाजत नहीं रहेगी। यहां पानी लाने वाले टैंकर भी आसानी से जा सकेंगे।

अलर्ट रहेंगी बुलेट स्ट्रेचर एंबुलेंस
इज्तिमा में सात से दस लाख तक बंदों की तादाद को देखते हुए इंतेजामिया कमेटी ने बुलेट स्ट्रेचर एंबुलेंस तैयार की है, जिससे अचानक से किसी की भी तबीयत बिगड़ने पर बुलेट एंबुलेंस से उसे बाहर तक आसानी से लाया जा सकेगा। यहां से एंबुलेंस की मदद से अस्पताल तक भेजा जाएगा। हालांकि, प्राथमिक उपचार के लिए 20 से अधिक निजी अस्पताल और सरकारी अस्पतालों के डॉक्टर मौजूद रहेंगे।

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति