उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा पंडित दीनदयाल उपाध्याय की विचारधारा से देश की जड़ें मजबूत हो रही

भोपाल

उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय की विचारधारा से देश की जड़ें मजबूत हो रही हैं। पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी ने देश की तरक्की के लिए जो पौधारोपा था आज वह वट वृक्ष बन गया है। उनकी विचारधारा देश को सुनहरे भविष्य की ओर ले जा रही है। देश आर्थिक महाशक्ति बनने की राह पर है। वर्ष 2047 में जब देश की आजादी के 100 वर्ष पूरे होंगे तब भारत आर्थिक महाशक्ति बनकर खड़ा होगा और दुनिया का नेतृत्व करेगा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल सेमरिया में पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की प्रतिमा के अनावरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि पंडित दीनदयाल जी और डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी को जीवन में अनेकों कठिनाईयों का सामना करना पड़ा। उन्होंने विरोधी ताकतों को अपनी विचारधारा का लोहा मनवाया। उनकी विचारधारा पर ही चलकर सरकार समाज के उत्थान के लिए कार्य कर रही है। पंडित दीनदयाल ने जो सपना देखा था उन्हें आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पूरा कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लोगों के कल्याण के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं। उन्होंने आयुष्मान योजना लागू की। इससे गरीब से गरीब व्यक्ति भी अच्छे से अच्छे अस्पतालों में पाँच लाख रुपए तक का नि:शुल्क उपचार कराने में सक्षम हो गया है। इस योजना का और विस्तार किया गया है जिसमें अब 70 वर्ष अथवा उससे अधिक आयु के नागरिकों का भी आयुष्मान कार्ड बनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत करोड़ो लोगों अपना पक्का मकान मिला है। जल जीवन मिशन योजना के तहत हर घर को नल से पानी पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है। सरकार ने भी लाड़ली बहना योजना लागू कर महिला सशक्तिकरण को मजबूती प्रदान की है। हर तरफ पंडित दीनदयाल जी की विचारधारा को ध्यान में रखकर सरकार द्वारा कार्य किए जा रहे हैं।

उप मुख्यमंत्री स्कूल के वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में हुए शामिल

उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ग्राम बहुरीबांध में स्थित जागृति इंटरनेशनल हायर सेकण्डरी स्कूल के वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि जागृति इंटरनेशनल स्कूल के संचालन का यह पाँचवा वर्ष है। यह स्कूल इस क्षेत्र में अच्छी गुणवत्ता की शिक्षा की कमी को पूरा कर रहा है। इस तरह के विद्यालय का संचालन होना इस क्षेत्र के लिए नितांत आवश्यक था। छोटे-छोटे बच्चों ने कार्यक्रम में बेहतरीन नृत्य प्रस्तुत किया। यह बच्चों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इससे बच्चों का सर्वांगीण विकास होता है। बच्चों का केवल पढ़ाई में अच्छा होना ही काफी नहीं है बल्कि उन्हें हर गतिविधि में बढ़चढ़ कर भाग लेना चाहिए। इससे उनमें आत्मविश्वास आता है। बच्चों के लिए शिक्षा और संस्कार दोनो आवश्यक है। यह उनके लिए वरदान साबित होता है।

उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल बसामन मामा गौवंश वन्य विहार पहुंचकर निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। उप मुख्यमंत्री ने गौवंश वन्य विहार परिसर में बन रहे नवीन कार्यालय का निरीक्षण किया। इस अवसर पर विधायक मनगवां इंजीनियर नरेन्द्र प्रजापति, पूर्व विधायक सेमरिया केपी त्रिपाठी सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।

 

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति