रणबीर कपूर ने संजय लीला भंसाली को बताया ‘गॉडफादर’

मुंबई,

बॉलीवुड के रॉकस्टार रणबीर कपूर ने फिल्मकार संजय लीला भंसाली को 'गॉडफादर'बताया है। संजय लीला भंसाली अपनी अगली फिल्म लव एंड वॉर की तैयारी कर रहे हैं, जिसमें रणबीर कपूर, आलिया भट्ट और विक्की कौशल लीड रोल्स में हैं।इस फिल्म के जरिए भंसाली और रणबीर कपूर 17 साल बाद फिर से साथ नजर आएंगे। फैंस को उनका यह नया सहयोग देखने का बेसब्री से इंतजार है। रणबीर कपूर ने भी भंसाली के साथ काम करने को लेकर अपनी राय जाहिर की है।

 हाल ही में 55वें इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में रणबीर कपूर ने कहा है, "मैं बेहद उत्साहित हूं। वह मेरे गॉडफादर हैं। फिल्मों के बारे में मैं जो कुछ भी जानता हूं, अभिनय के बारे में जो कुछ भी जानता हूं, वह सब मैंने उनसे सीखा है।वह बिल्कुल नहीं बदले हैं। वह बेहद मेहनती हैं। वह सिर्फ अपनी फिल्मों के बारे में सोचते हैं। वह सिर्फ किरदार के बारे में बात करना चाहते हैं, वह चाहते हैं कि आप कुछ अलग बनाएं, कुछ अलग करें। लव एंड वॉर, में रणबीर कपूर, आलिया भट्ट और विक्की कौशल पहली बार साथ नजर आएंगे। यह फिल्म 20 मार्च, 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

 

  • admin

    Related Posts

    कभी मां के साथ बासी खाना खाने वाली भारती सिंह आज नैनी को देती हैं महंगे तोहफे

    मुंबई भारती सिंह का एक प्यारा सा वीडियो इस वक्त इंटरनेट पर खूब सुर्खियों में है। इस वीडियो में वो अपने बच्चों की नैनी रूपा दी को उनके बर्थडे पर…

    ऋचा चड्ढा नॉन-फिक्शन ट्रैवल और कल्चर सीरीज़ को करेंगी प्रोड्यूस

      मुंबई, बॉलीवुड अभिनेत्री और निर्माता ऋचा चड्ढा एक नए और रोमांचक प्रोजेक्ट के साथ अपनी क्रिएटिव दुनिया को आगे बढ़ा रही हैं। ऋचा चड्ढा एक नॉन-फिक्शन सीरीज़ को प्रोड्यूस…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति