केन्द्र सरकार ने आपदा न्यूनीकरण और क्षमता निर्माण परियोजनाओं के लिए 1115.67 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की

नई दिल्ली
केन्द्र सरकार ने विभिन्न राज्यों के लिए आपदा न्यूनीकरण और क्षमता निर्माण परियोजनाओं के लिए 1115.67 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की है। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति की बैठक में इस राशि को मंजूरी दी गयी। गृह मंत्रालय ने मंगलवार को यहां बताया कि वित्त मंत्री, कृषि मंत्री और नीति आयोग के उपाध्यक्ष की सदस्यता वाली समिति ने राष्ट्रीय आपदा शमन निधि से 15 राज्यों में भूस्खलन के जोखिम को कम करने के प्रस्ताव के वित्त पोषण और राष्ट्रीय आपदा मोचन निधि के फंडिंग विंडो से तैयारी और क्षमता निर्माण के तहत सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स के प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण के प्रस्ताव पर विचार किया।
उच्चस्तरीय समिति ने 15 राज्यों अरुणाचल प्रदेश, असम, हिमाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम, त्रिपुरा, उत्तराखंड, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में 1000 करोड़ रुपये की कुल लागत से राष्ट्रीय भूस्खलन जोखिम न्यूनीकरण परियोजना को मंजूरी दी है। समिति ने उत्तराखंड के लिए 139 करोड़ रुपये, हिमाचल प्रदेश के लिए 139 करोड़ रुपये, पूर्वोत्तर के 8 राज्यों के लिए 378 करोड़ रुपये, महाराष्ट्र के लिए 100 करोड़ रुपये, कर्नाटक के लिए 72 करोड़ रुपये, केरल के लिए 72 करोड़ रुपए, तमिलनाडु के लिए 50 करोड़ और पश्चिम बंगाल के लिए 50 करोड़ रुपए को मंज़ूरी दी।
उच्चस्तरीय समिति ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में सिविल डिफेंस के प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण के लिए 115.67 करोड़ रुपये की कुल लागत वाली एक अन्य परियोजना को भी मंजूरी दी है। इससे पहले, समिति ने राष्ट्रीय आपदा शमन निधि से सात शहरों में 3075.65 करोड़ रुपये की कुल लागत वाली शहरी बाढ़ जोखिम न्यूनीकरण परियोजनाओं और 4 राज्यों में 150 करोड़ रुपये की मंजूरी दी थी।
गृह मंत्रालय ने देश में आपदाओं का प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए कई पहल की हैं। भारत में आपदा जोखिम न्यूनीकरण प्रणाली को मजबूत करके आपदाओं के दौरान जान-माल को होने वाले किसी भी बड़े नुकसान को रोकने के लिए कई कदम उठाए गए हैं।
इस वर्ष राज्यों को 21,476 करोड़ रुपये से अधिक की राशि पहले ही जारी की जा चुकी है। इसमें राज्य आपदा मोचन निधि से 26 राज्यों को 14,878.40 करोड़ रुपये, राष्ट्रीय आपदा मोचन निधि से 15 राज्यों को 4,637.66 करोड़ रुपये, राज्य आपदा शमन निधि से 11 राज्यों को 1,385.45 करोड़ रुपये और राष्ट्रीय आपदा शमन निधि से 6 राज्यों को 574.93 करोड़ रुपये शामिल हैं।

 

admin

Related Posts

हवाई हादसों का दर्दनाक इतिहास: अजित पवार दुर्घटना से पहले इन 11 दिग्गजों की भी ऐसे ही हुई थी मौत

नई दिल्ली बुधवार की सुबह महाराष्ट्र और देश की राजनीति के लिए गहरे शोक की खबर लेकर आई, जब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की एक…

हमें पता है क्या हो रहा है — UGC रेगुलेशन मामले में दखल देगा सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली जातिगत भेदभाव से जुड़े UGC के नए नियमों के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है। शीर्ष न्यायालय ने बुधवार को इस…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति