एकलव्य विद्यालयों की राष्ट्रीय क्रीडा प्रतियोगिता, 25 राज्यों के करीब 6 हजार खिलाड़ी होंगे शामिल

रायपुर,

राजधानी रायपुर में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों के राष्ट्रीय खेलों का आयोजन किया जा रहा है। खेल प्रतियोगिताएं 15 से 19 दिसंबर तक होंगी। राष्ट्रीय खेलों के आयोजन की मेजबानी इस बार छत्तीसगढ़ को मिली है। इन खेलों के सफल आयोजन के लिए आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन की अध्यक्षता में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय क्रीड़ा प्रतियोगिता के आयोजन के लिए गठित राज्य स्तरीय आयोजन समिति की बैठक सम्पन्न हुई। श्री जैन ने खेल प्रतियोगिताओं के लिए सभी आवश्यक तैयारियां प्रारंभ करने, खिलाड़ियों के ठहरने, आवागमन, खेल स्थलों, सुरक्षा व्यवस्था, बिजली पानी सहित अन्य व्यवस्था के संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय राष्ट्रीय क्रीड़ा प्रतियोगिता के संबंध में जानकारी देते हुए आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने बताया कि अनुसूचित जनजाति के छात्रों की खेल प्रतिभा को पहचानना, निखारना एवं प्रोत्साहित करना है, ताकि उन्हें विभिन्न मंचों पर अपनी क्षमता प्रदर्शित करने का अवसर मिले और खेल-कूद की संस्कृति को बढ़ावा देते हुए उनकी प्रतिभा को एक नया आयाम प्रदान किया जा सके। उन्होंने बताया कि खेल प्रतियोगिताओं में करीब 23 खेलों का आयोजन होगा। इनमें तीरंदाजी (आर्चरी), एथलेटिक्स, बैडमिंटन, मुक्केबाजी, शतरंज (चेस), जिमनास्टिक, जूडो, योग, टेनिस, निशानेबाजी (शूटिंग), तैराकी (स्वीमिंग), टेबल टेनिस, ताईक्वाण्डो, भारोत्तोलन (वेट लिफ्टिंग), कुश्ती (रेसलिंग) फ्रीस्टाईल, बास्केटबॉल, फुटबाल, हैंडबाल, हॉकी कबड्डी, खो-खो, एवं व्हालीबाल शामिल है।

खेल प्रतियोगिताओं में व्यक्तिगत एवं युगल के 15 तथा 7 सामूहिक खेलों का आयोजन होगा। राष्ट्रीय क्रीड़ा प्रतियोगिताएं राजधानी रायपुर में स्थित विभिन्न शैक्षणिक संस्थाओं एवं खेल विभाग के खेल मैदानों में होगी। प्रतियोगिता में 25 राज्यों के करीब 6 हजार खिलाड़ी शामिल होंगे। प्रतियोगियों का पंजीयन पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता के सफल आयोजन हेतु विभिन्न विभागों की करीब 26 समितियां गठित कर ली गई है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से आयोजित इस बैठक में खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव श्री हिमशिखर गुप्ता सहित स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, खेल एवं युवा कल्याण, लोक निर्माण, नगरीय प्रशासन, पर्यटन, संस्कृति और भारत सरकार के जनजाति कार्य मंत्रालय के अधिकारी शामिल हुए।

  • admin

    Related Posts

    अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

    अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

    मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

    रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति