संभल मस्जिद केस: जामा मस्जिद की सर्वे रिपोर्ट नहीं हुई पेश, 8 जनवरी को सुनवाई, 1875 के ASI सर्वे में क्या?

संभल
 उत्तर प्रदेश के संभल में हलचल काफी गरम है। संभल कोर्ट में जामा मस्जिद सर्वे रिपोर्ट पेश की जानी थी, लेकिन कोर्ट कमिश्नर के अनुरोध पर सुनवाई को आगे टाल दिया गया। कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 8 जनवरी की तिथि निर्धारित की है। 19 नवंबर को संभल कोर्ट ने शाही जामा मस्जिद-हरिहर मंदिर मामले में कोर्ट कमिश्नर की अगुआई में जांच का आदेश दिया था। कोर्ट कमिश्नर के नेतृत्व में वकीलों की टीम ने मस्जिद का सर्वे किया। 1875 में शाही जामा मस्जिद का निर्माण कराया गया है। इस सर्वे में गणेश जी प्रतिमा का जिक्र किया गया था। टीले पर बनी इमारत को लेकर दावे किए गए थे। अब इसी रिपोर्ट के आधार पर हिंदू पक्ष मंदिर पर मस्जिद होने का दावा कर रहा है। हालांकि, अब कोर्ट कमिश्नर का बयान सामने आया है कि आज वे रिपोर्ट पेश नहीं करेंगे।
8 जनवरी को अब अगली सुनवाई

शाही जामा मस्जिद सर्वे के मामले में अब अगली सुनवाई 8 जनवरी को होगी। चंदौसी कोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान मुस्लिम पक्ष की ओर से कई सवाल किए गए। मुस्लिम पक्ष ने हिंदू पक्ष से शाही जामा मस्जिद के हरिहर मंदिर बताने के किए जा रहे दावों का साक्ष्य पेश किया जाए। मुस्लिम पक्ष ने कोर्ट की सुनवाई के बाद मीडिया से बातचीत में कहा कि अब आगे सर्वे नहीं होगा। संभल में हिंसा के कारण सर्वे रिपोर्ट तैयार नहीं हो सकी।

मुस्लिम पक्ष के वकील ने दावा किया कि शाही जामा मस्जिद का अब दोबारा सर्वे नहीं होगा। आगे सर्वे लिए कोर्ट से इजाजत लेनी होगी। वहीं, कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष से भी मस्जिद को लेकर कागजात की मांग की गई है। वहीं, कोर्ट कमिश्नर रमेश राघव ने कहा कि हिंसा के कारण रिपोर्ट तैयार नहीं हो सकी। इस कारण 10 दिन और समय की मांग की गई।

रिपोर्ट के लिए मांगेंगे समय

संभल कोर्ट कमिश्नर रमेश राघव ने कहा कि चंदौसी कोर्ट में शाही जामा मस्जिद सर्वे की रिपोर्ट पेश नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि हम कोर्ट से 10 दिनों का समय मांगा जाएगा। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट पूरी करने के बाद ही इसे जमा कराया जाएगा। 19 नवंबर को कोर्ट के आदेश के बाद कमिश्नर टीम ने शाही जामा मस्जिद का जायजा लिया था। 2 घंटे जांच की थी। इसके बाद रविवार 24 नवंबर को सर्वे किया गया। इस दौरान संभल में बवाल मच गया। अब कोर्ट कमिश्नर को अपनी रिपोर्ट पेश करनी है।

एएसआई के वकील पहुंचे कोर्ट

एएसआई के वकील विष्णु गुप्ता संभल जिला कोर्ट पहुंच गए हैं। संभल से आ रही जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार को कोर्ट में केवल जामा मस्जिद सर्वे के मुद्दे पर सुनवाई होनी है। इसके अलावा कोई कार्य नहीं होना है। सर्वे रिपोर्ट पेश किए जाने के बीच बढ़ी हलचल के बीच संभल डीएम और एसपी भी कोर्ट पहुंचे हैं। यह भी दावा किया जा रहा है कि आज रिपोर्ट को कोर्ट में पेश नहीं किया जा सकता है।

1875 के सर्वे रिपोर्ट में क्या?

यूपी के संभल स्थित शाही जामा मस्जिद के 1875 सर्वे की रिपोर्ट सामने आई है। इसके तहत दावा किया जा रहा है कि मंदिर को तोड़कर मस्जिद का निर्माण किया गया था। सर्वे रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मंदिर के चारों तरफ भगवान की आकृतियां दिखाई दी। वहां पर एक गणेश जी की प्रतिमा का जिक्र किया गया है, जिसको नष्ट करने का प्रयास किया गया था।

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति