जेपी अस्पताल के बी ब्लॉक में लगाया फायर सेफ्टी सिस्टम, उन्नत फायर सिस्टम से लैस प्रदेश का पहला जिला अस्पताल

भोपाल
 बीते दो साल पहले कमला नेहरू गैस राहत अस्पताल की तीसरी मंजिल पर बने बच्चा वार्ड के एसएनसीयू में आगजनी की घटना के बाद अस्पतालों में सुरक्षा के इंतजाम चौकस रखने का सिलसिला जारी है। इसी के चलते शहर के जय प्रकाश जिला अस्पताल में फायर सेटी सिस्टम लगाया गया है।

यह प्रदेश का पहला जिला अस्पताल है, जहां इतना बड़ा और उन्नत फायर सेफ्टी प्रणाली को स्थापित किया जा रहा है। अस्पताल प्रशासन ने इस नई प्रणाली की स्थापना के लिए तीन चरणों की योजना तैयार की है, जिसमें से दो चरण पूरे हो चुके हैं।

इस हिस्से में लगाया गया फायर सिस्टम

अस्पताल के बी ब्लाक में ये फायर सेफ्टी सिस्टम लगाए गए हैं। इस नए सिस्टम की खासियत यह है कि इसमें पूरे परिसर को कवर किया गया है। कहीं भी हल्का सा धुंआ उठते ही अलार्म बजना शुरू हो जाएगा। इसके बाद जैसे ही हीटिंग टेंम्परेचर बढ़ेगा, आटोमेटिक पाइप लाइन में लगे स्प्रिंकलर से पानी निकलना शुरू हो जाएगा, जिससे आग पर काबू पाया जा सकेगा।

दो चरण का काम पूरा

अस्पताल में अलार्म सिस्टम एक्टिवेट हो चुका है। इसकी पड़ताल माक ड्रिल कर की जा चुकी है। यह प्रोजेक्ट का पहला चरण था। इसके बाद पाइपलाइन से जोड़कर पूरे परिसर में स्प्रिंकलर लगाने का कार्य भी पूरा हो गया है। अब अंतिम चरण के तहत पाइप लाइन को 50 हजार लीटर की कैपेसिटी वाले टैंक से जोड़ा जाना है। जिसकी प्रक्रिया चल रही है।

इनका कहना है

यह फायर सेफ्टी सिस्टम सुरक्षा उपाय के साथ अस्पताल के बुनियादी ढांचे में एक महत्वपूर्ण सुधार है। इससे मरीजों और स्टाफ की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी। मरीजों का अस्पताल के प्रति भरोसे और मजबूत होगा।

– डॉ. राकेश श्रीवास्तव, सिविल सर्जन, जेपी अस्पताल

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति