जब हम लोगों को किसी चीज को हासिल करना है तो एकता होनी बहुत जरूरी है: मल्लिकार्जुन खड़गे

नई दिल्ली
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने रविवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में संविधान की रक्षा के लिए आयोजित महारैली को संबोधित किया। उन्होंने लोगों से एकजुट होकर संविधान को बचाने की बात कही है। मल्लिकार्जुन खड़गे ने अपने संबोधन में कहा कि आज ऐतिहासिक समय है। जब हम लोगों को किसी चीज को हासिल करना है तो एकता होनी बहुत जरूरी है। जब तक एकता नहीं आएगी, तब तक आप लोग कुछ भी हासिल नहीं कर पाएंगे।

उन्होंने आगे कहा कि मैं इसलिए कह रहा हूं कि अगर हम टुकड़े टुकड़ों में बाटेंगे और कन्याकुमारी से कश्मीर तक एक नहीं होंगे, तब तक हम कोई चीज हासिल नहीं कर सकते। आपका एक संगठन नहीं, देश के सभी संगठन चाहते हैं कि इस देश में संविधान को बचाना चाहिए।

संविधान बचा तो हम सब लोग बचेंगे। इसलिए हमको एक रहकर इस संविधान को बचाना होगा और हर पार्टी के लोग अपने-अपने हिसाब से काम कर रहे हैं। उसके साथ ही हमको लोकतंत्र को भी बचाना है। लोकतंत्र नहीं बचेगा तो आपकी हिस्सेदारी नहीं बढ़ेगी। संविधान बाबा साहेब अंबेडकर की देन है। पंडित जवाहरलाल नेहरू ने 1922 में एक कांग्रेस के अधिवेशन में रेज्युलेशन पास किया था। उन्होंने आजादी के बाद हम सभी लोगों को वयस्क मताधिकार देंगे, उस वक्त ब्रिटिश के जमाने में सिर्फ चंद लोग वोटर्स थे।

admin

Related Posts

अजित पवार की मौत पर सियासत तेज: ममता बोलीं– सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हो जांच, भरोसा खत्म

कोलकाता महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के वरिष्ठ नेता अजित पवार का बुधवार सुबह एक दुखद विमान दुर्घटना में निधन हो गया। यह हादसा पुणे जिले के…

‘अयोध्या से कटियार ही लड़ें’— बृजभूषण शरण सिंह का बड़ा बयान, सियासत में साजिश का आरोप

गोंडा कैसरगंज के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा है कि अयोध्या लोकसभा सीट पर पहला हक विनय कटियार का है और उन्हें ही चुनाव लड़ना चाहिए। उन्होंने यह…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति