UPSC टीचर अवध ओझा को केजरीवाल-सिसोदिया ने दिलाई आम आदमी पार्टी की सदस्यता

नई दिल्ली।

प्रसिद्ध UPSC कोच और मोटिवेशनल स्पीकर अवध ओझा ने राजनीति में कदम रखते हुए सोमवार को आम आदमी पार्टी (AAP) का दामन थाम लिया। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया की मौजूदगी में अवध ओझा ने सदस्यता ग्रहण की। अवध ओझा इतिहास के बड़े जानकार हैं और उसी की तैयारी भी कराते हैं.

अवध ओझा का जन्म 3 जुलाई 1984 को यूपी के गोंडा में हुआ था. उनके पिता माता प्रसाद ओझा पोस्टमास्टर थे और उनकी मां वकील थीं. ओझा की शुरुआती पढ़ाई लिखाई गोंडा से ही हुई. ओझा को बचपन से आईएएस बनने का ख्वाब था. ग्रेजुएशन के बाद ओझा यूपीएससी की तैयारी के लिए दिल्ली आ गए. उन्होंने खूब तैयारी की लेकिन वो यूपीएससी क्रैक नहीं कर पाए. इसके बाद उन्होंने इलाहाबाद में दोस्त की कोचिंग में पढ़ाना शुरू किया. धीरे-धीरे वो लोकप्रिय होते गए. शुरुआत में उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ा लेकिन बाद उन्होंने पढ़ाने के तरीके को बदला और यही तरीका छात्रों को भा गया. अपने पढ़ाई के तरीकों की वजह से अवध ओझा सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में रहते हैं. वो एक दम आम भाषा में छात्रों को पढ़ाते हैं. ओझा कई बड़े आईएएस संस्थानों में पढ़ा चुके हैं. ओझा अपना यूट्यूब चैनल भी चलाते हैं. अवध ओझा क्लासेस नाम से वो कोचिंग भी चलाते हैं. इलके अलावा वो IQRA IAS के फाउंडर भी हैं.

admin

Related Posts

हवाई हादसों का दर्दनाक इतिहास: अजित पवार दुर्घटना से पहले इन 11 दिग्गजों की भी ऐसे ही हुई थी मौत

नई दिल्ली बुधवार की सुबह महाराष्ट्र और देश की राजनीति के लिए गहरे शोक की खबर लेकर आई, जब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की एक…

हमें पता है क्या हो रहा है — UGC रेगुलेशन मामले में दखल देगा सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली जातिगत भेदभाव से जुड़े UGC के नए नियमों के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है। शीर्ष न्यायालय ने बुधवार को इस…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति