मध्य प्रदेश-ग्‍वालियर में अब तानसेन थीम पर शादियों में संगीतज्ञ कर रहे मनोरंजन

ग्वालियर।

शादी जीवन का वह खुशनुमा पल है, जिसे हर एक यादगार बनाना चाहता है। वह कुछ न कुछ अलग कर सुर्खियां बटोरना चाहता है। इन दिनों हर एक की जुबान पर तानसेन समारोह ही सुनाई दे रहा है। यही कारण है कि वेडिंग प्लानर भी अपने आइडिया में तानसेन थीम लेकर आए हैं, जिन्हें शहरवासी पसंद कर रहे हैं।

इस थीम के लिए बाहर से संगीतज्ञों को बुलाया जाता है, जो पहर के हिसाब से अपने वाद्य वृंद से राग बजाते हैं। वहीं गायन भी होता है। शहर में ऐसी कुछ शादियां हो चुकी हैं, तो वहीं कुछ आगामी तिथियों में निर्धारित हैं। 15 कलाकारों ने वाद्य वृंद बजाकर बांधा समां: झांसी डबरा हाइवे स्थित इम्पीरियल गोल्फ रेसार्ट में दंडोतिया फैमिली की शादी में जयपुर से संगीतज्ञ बुलाए गए। इनके लिए तकरीबन 40 फीट ऊंचा मंच बनाया गया, जिसमें 15 झरोखे बनाए गए। इन सभी झरोखों में संगीतज्ञ बैठे और उन्होंने पहर के हिसाब से राग बजाया। इस अवसर पर हारमोनियम, तानपुरा, तबले के साथ कलाकार बैठे और बरात में आए मेहमानों का धुन बजाकर स्वागत किया। शिक्षाविद हर्ष दंडोतिया ने बताया कि भतीजे रोहित की शादी के लिए हमने जयपुर से संगीत कलाकार बुलाए थे, जिन्होंने शादी में अलग ही समां बांधा। गायन और वादन से मेहमान हुए एंटरटेन: शिवपुरी लिंक रोड स्थित एंजाय रेसार्ट में इसी माह तोमर परिवार ने दिल्ली से संगीतकारों को बुलाया। यहां एक तरफ राक बैंड तो दूसरी तरफ लाइट म्यूजिक में संगीत का कार्यक्रम रखा गया। इसमें कलाकार सदाशिव ने गायन की प्रस्तुति दी। पहर के हिसाब से उन्होंने राग सुनाए। उनके साथ पखावज, तबला और हारमोनियम पर भी कलाकार रहे। बिजनेसमैन नवल सिंह तोमर ने बताया कि वेडिंग प्लानर ने हमें तानसेन थीम बताई, जो कि हमें अच्छी लगी। इसलिए इस थीम पर हमने शादी कराई, जो अपने आपमें यूनिक रही।

शताब्दी वर्ष: तानसेन थीम का भी लोगों में खुमार
वेडिंग प्लानर आशीष सोनी ने बताया कि कुछ यूनिक करने के लिए लोग शादियों में अच्छा पैसा खर्च कर रहे हैं। इन दिनों तानसेन समारोह का लोगों में खुमार है। समारोह के शताब्दी वर्ष में वे भी अपनी शादी को यादगार बना रहे हैं। इसलिए संगीत प्रेमी अपनी शादी में संगीतज्ञों को बुला रहे हैं। यह कांसेप्ट अब चल पड़ा है। ग्वालियर के इंजीनियर शुभम चौधरी की शादी आगरा में है। उन्होंने अपनी शादी में संगीतज्ञों को आमंत्रित किया है। उनकी शादी 14 दिसंबर की है। इसके अलावा बालीवुड थीम तो शुरू से सदाबहार रही है, जिसे लोग पसंद कर रहे हैं।

विभिन्न राज्यों का फूड बढ़ा रहा स्वाद
शादी में विभिन्न राज्यों के फूड का चलन तेजी से चल पड़ा है। शादी में विभिन्न स्टाल लगाए जा रहे हैं, जहां राजस्थानी फूड, पंजाबी फूड, गुजराती फूड, अवधी फूड परोसा जा रहा है। इन स्टाल की खास बात यह है कि स्टाल में परोसने वाले शेफ भी उसी राज्य की वेशभूषा में होंगे और उनका परोसने का अंदाज भी वही होगा। कैटर्स संजीव बताते हैं कि विभिन्न स्टेट का फूड इन दिनों चलन में है। तकरीबन 60 प्रतिशत शादियों में इसे पसंद किया जा रहा है।

शादियों में लाइव फूड का बढ़ रहा ट्रेंड
शादियों में इन दिनों लाइव फूड का ट्रेंड बढ़ा है। फास्ट फूड, चाइनीज आयटम्स भी अब लाइव बनाकर सर्व किए जा रहे हैं। मेन कोर्स में भी दाल, कढ़ी, रोटी, पराठे के लाइव काउंटर लगाए जा रहे हैं। लोग खुद उन आयटम्स को कस्टमाइज भी करा रहे हैं। कैटर्स रवि रावत ने बताया कि लाइव फूड का कांसेप्ट मेट्रो सिटी में है, जो अब ग्वालियर आ चुका है। यहां कई शादियों में लोग इसे फालो कर रहे हैं।

admin

Related Posts

हवाई हादसों का दर्दनाक इतिहास: अजित पवार दुर्घटना से पहले इन 11 दिग्गजों की भी ऐसे ही हुई थी मौत

नई दिल्ली बुधवार की सुबह महाराष्ट्र और देश की राजनीति के लिए गहरे शोक की खबर लेकर आई, जब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की एक…

हमें पता है क्या हो रहा है — UGC रेगुलेशन मामले में दखल देगा सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली जातिगत भेदभाव से जुड़े UGC के नए नियमों के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है। शीर्ष न्यायालय ने बुधवार को इस…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति