छत्तीसगढ़ के भावी लोकसेवकों को मुख्यमंत्री साय ने पारदर्शिता और संवेदनशीलता से अपने दायित्वों का निर्वहन करने किया प्रेरित

रायपुर

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने लोक सेवा आयोग की सिविल परीक्षा 2023 की प्रावीण्य सूची में आए सफल अभ्यर्थियों से कहा कि आप लोगों ने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सिविल सेवा की कठिन परीक्षा में शीर्ष स्थान अर्जित किया है, निश्चित रूप से आप लोग युवा पीढ़ी के लिए आदर्श बन चुके हैं।    आपने अपनी मेहनत, संकल्प और समर्पण से यह उपलब्धि हासिल की है। आपकी यह सफलता आपके परिवार, आपके शिक्षकों की भी सफलता है। जो युवा साथी भविष्य में ऐसी ही सफलता हासिल करना चाहते हैं, वे अब आपकी ओर देखेंगे। वे जानना चाहेंगे कि आपने इस सफलता के लिए किस तरह तैयारियां कीं, कितनी मेहनत की।मुझे खुशी है कि आप जैसी युवा प्रतिभाएं अब प्रशासन में महत्वपूर्ण दायित्व संभालेंगी। मुझ आपसे यही कहना है कि जितनी पारदर्शिता के साथ आपका चयन हुआ है, आप उतनी ही पारदर्शिता के साथ अपने दायित्वों का निर्वाह करें और    प्रदेश में सुशासन स्थापित करने के हमारे लक्ष्य को हासिल करने में भागीदार बने।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आपको हमेशा यह भी याद रखना होगा कि आगे आपकी भूमिका लोक-सेवक की होगी।     आपको अपने दायित्वों निर्वहन में धैर्य, विनम्रता और लोक-सेवक की सीमाओं का हमेशा ध्यान रखना होगा।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज अपने निवास पर आमंत्रित छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग वर्ष 2023 की परीक्षा में चयनित अभ्यर्थियों के साथ संवाद के दौरान यह बातें कही। उन्होंने सभी चयनित अभ्यर्थियों और उनके परिजनों को सफलता के लिए शुभकामनाएं और बधाई दी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आप सभी छत्तीसगढ़ के विकास में अपनी भूमिका निभाने जा रहे हैं। आम जनमानस में प्रशासन का विश्वास कायम रखने की दिशा में आप सभी को संवेदनशीलता से प्रयास करना है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने विकसित भारत का जो संकल्प रखा है, वह स्वामी विवेकानंद के चिंतन और पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी की तरह दृढ़ निश्चयी होने से ही पूरा हो सकता है। आप सभी को इन्हीं आदर्शों के साथ अपने जीवन लक्ष्यों को पाने की दिशा में आगे बढ़ना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की प्रतिष्ठित परीक्षा को पूरी पारदर्शिता के साथ आयोजित करने का निर्णय लिया है और परीक्षा परिणामों में यह साफ नजर आ रहा है। यह दिन आम लोगों के लिए खास बन गया है और मेहनत करने वालों की जीत हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम प्रतियोगी परीक्षाओं को किस प्रकार और अधिक पारदर्शी और बेहतर बना सकते हैं, इस दिशा में भी हम प्रयासरत हैं ।
         मुख्यमंत्री श्री साय ने अभ्यर्थियों से परीक्षा के दौरान आने वाली चुनौतियों और उनके अनुभव के बारे में जाना। श्री साय ने उनके परिजनों से भी चर्चा की और पूर्व में लोक सेवा आयोग की परीक्षा में पारदर्शिता को लेकर उनके मन में जो संशय था, सुधारात्मक उपायों के बाद आई पारदर्शिता को लेकर फीडबैक भी लिया। इस कार्यक्रम के दौरान टॉपर्स ने अपनी सफलता के अनुभव साझा किए और अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, गुरुजनों को समर्पित किया।

 इस दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने सिविल सेवा परीक्षा के सभी टॉपर्स श्री रविशंकर वर्मा, श्रीमती मृणमयी शुक्ला, सुश्री आस्था शर्मा, सुश्री किरण सिंह राजपूत, सुश्री नंदिनी साहू, श्री सोनल यादव, श्री दिव्यांश चौहान, श्री शशांक कुमार, श्री पुनीत वर्मा, श्री उत्तम कुमार को स्वामी विवेकानंद, स्वर्गीय श्रद्धेय अटल जी और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के जीवन पर आधारित पुस्तकें और प्रशस्ति पत्र भेंट किए।

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