पाकिस्तान-खैबर पख्तूनख्वा में अलीजाई-बागान समुदाय में संघर्ष विराम से बवाल थमेगा?

करांची.

पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी प्रांत खैबर पख्तूनख्वा में बीते कुछ दिनों से बवाल मचा हुआ था। अलीजाई और बागान समूहों के बीच गोलीबारी जारी थी। हालांकि, अब दो युद्धरत जनजातियों के बीच संघर्ष विराम समझौता हो गया है। मगर, पिछले कई दिनों से जारी खुर्रम कबायली सांप्रदायिक हिंसा में 130 लोगों की जान चली गई।

उपायुक्त कुर्रम जवेदुल्ला महसूद ने रविवार को पुष्टि की कि अशांत कुर्रम जिले के संघर्षरत क्षेत्रों में शांति स्थापित हो गई है। जिले में अलीजाई और बागान समुदायों के बीच संघर्ष 22 नवंबर को शुरू हुआ था। इससे एक दिन पहले पाराचिनार के पास यात्री गाड़ियों के काफिले पर हमला हुआ था, जिसमें 47 लोग मारे गए थे। गंभीर रूप से घायल हुए कई यात्रियों ने बाद में दम तोड़ दिया था, जिससे मरने वालों की संख्या बढ़कर 57 हो गई थी। बागान बाजार क्षेत्र से शुरू हुई हिंसा में पिछले दो दिनों में कम से कम 37 लोग मारे गए और कई अन्य घायल हुए। यह हिंसा बालिशखेल, खार, काली, जुंज अलीजई और मकबल जैसे अन्य हिस्सों में फैल गई।

जिरगा सड़कों को खोलने के लिए करेगी बात
महसूद ने कहा कि जिला प्रशासन ने रविवार को दो युद्धरत जनजातियों के बीच एक स्थायी युद्ध विराम कराने में सफलता हासिल कर ली है। उन्होंने आगे कहा कि जिरगा (आदिवासी नेताओं की परिषद) सड़कों को फिर से खोलने और शांति समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए बुजुर्गों से बात करेगी। सशस्त्र आदिवासियों को गोलीबारी चौकियों से हटा दिया गया है, जबकि क्षेत्र में पुलिस और सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है।

130 हुई मरने वालों की संख्या
अशांत कुर्रम जिले में लगातार 11वें दिन भी हिंसा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 130 हो गई। रविवार को कम से कम छह लोगों की मौत हो गई और आठ घायल हुए हैं। अब तक घायल हुए लोगों की संख्या 186 पर पहुंच गई है।

मोबाइल, इंटरनेट और शैक्षणिक संस्थान पर यह असर
झड़पों का हालिया प्रकरण आठ दिन पहले पुलिस सुरक्षा में दो अलग-अलग काफिलों पर घात लगाकर किए गए हमलों के साथ शुरू हुआ था। तब से, युद्धरत कबीलों के बीच हिंसा बढ़ गई है और पुलिस नियंत्रण बनाए रखने के लिए संघर्ष कर रही है। कुर्रम क्षेत्र संचार ब्लैकआउट का सामना कर रहा है, मोबाइल और इंटरनेट सेवाएं निलंबित हैं और शैक्षणिक संस्थान बंद हैं। मुख्य राजमार्ग के बंद होने से न केवल स्थानीय परिवहन बाधित हुआ है, बल्कि अफगानिस्तान के साथ व्यापार भी पूरी तरह से ठप हो गया है। कोहाट डिवीजन के बुजुर्ग और सांसद युद्धरत जनजातियों के बीच शांति समझौता सुनिश्चित करने के लिए कुर्रम जिले का दौरा करेंगे।

सात दिन का हुआ था संघर्ष विराम
सरकार ने अलीजाई और बागान समुदायों के बीच गत रविवार को सात दिन का संघर्ष विराम कराया था। बाद में इसे बढ़ाकर 10 दिन कर दिया गया था। हालांकि यह संघर्ष विराम पूरी तरह से सफल नहीं हो पाया था। दूसरी ओर, पाकिस्तान की आतंकवाद निरोधक अदालत ने प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी के 156 कार्यकर्ताओं की पुलिस रिमांड को मंजूरी दे दी है। खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के कार्यकर्ताओं को 24 नवंबर को डी-चौक पर धरना प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार किया गया था और उनके खिलाफ सचिवालय पुलिस थाने में मामले दर्ज किए गए हैं। पार्टी के सदस्यों ने अवरोधकों को हटाकर इस्लामाबाद पहुंचने का प्रयास किया, जहां मध्य रात्रि को की गई कार्रवाई में चार लोगों की मौत हो गई थी और 50 से अधिक लोग घायल हो गए थे।

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