तीसरे स्थान के साथ प्राणवी ने लेडीज यूरोपीय टूर पर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया

मालागा (स्पेन).
भारत की प्राणवी उर्स ने एंडालुशिया कोस्टा डेल सोल ओपन डे एस्पाना गोल्फ में तीसरे स्थान पर रहते हुए लेडीज यूरोपीय टूर (एलईटी) पर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। एलईटी पर अपने शुरुआती वर्ष में खेल रही प्राणवी ने सत्र के आखिरी टूर्नामेंट के अंतिम दौर में चार अंडर 68 के कार्ड के साथ कुल 14 अंडर का स्कोर किया। प्राणवी को इस शानदार प्रदर्शन के लिए पुरस्कार के तौर पर 42,000 यूरो (लगभग 37.40 लाख रुपये) मिले और वह एलईटी ऑर्डर ऑफ मेरिट (ओएमएम) में 17वें स्थान पर पहुंच गई। स्पेन की कार्लोटा सिगांडा ने अंतिम राउंड में 71 के कार्ड के साथ एक स्ट्रोक से जीत हासिल की।

इस प्रतियोगिता में भाग ले रही अन्य भारतीयों में अदिति अशोक (70) संयुक्त 16वें, दीक्षा डागर (75) संयुक्त 42वें और त्वेसा मलिक (72) संयुक्त 70वें स्थान पर रहीं। दीक्षा ओओएम पर 29वें और त्वेसा 60वें स्थान पर रहीं। अनुभवी अदिति ने इस सत्र में केवल चार प्रतियोगिताओं में भाग लिया और वह 134वें स्थान पर रहीं।

  • admin

    Related Posts

    AUS vs PAK क्लैश: विश्व कप वार्म-अप में कौन दिखाएगा असली दम?

    नई दिल्ली टी20 विश्व कप से पहले ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान के बीच 3 मैच की सीरीज गुरुवार से शुरू हो रही है। इसके जरिए पाकिस्तानी टीम को विश्व कप की…

    तारीफ कम पड़ेगी — अभिषेक शर्मा ने पावर हिटिंग में क्रिस गेल को छोड़ा पीछे, कैफ का बड़ा बयान

    नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व बल्लेबाज मोहम्मद कैफ ने युवा सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा की प्रशंसा करते हुए कहा है कि वह निरंतरता के साथ आक्रामक बल्लेबाजी के…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति