छत्तीसगढ़-गरियाबंद के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में महीने भर में 102 प्रसव

गरियाबंद।

नवंबर माह में जिले में सबसे ज्यादा 249 संस्थागत प्रसव मैनपुर ब्लॉक में हुए, जिसमें अकेले उरमाल प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र ने 102 के दिखाया. अस्पताल में काम करने वाले स्टॉफ और डॉक्टरों के व्यवहार से संपन्न परिवार के लोग डिलीवरी के लिए इस स्वास्थ्य केंद्र में आते हैं. नवम्बर माह में मैनपुर ब्लॉक के उरमाल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ने 102 संस्थागत सामान्य प्रसव करने का रिकॉर्ड बनाया है.

पिछले तीन साल से यह संस्था सर्वाधिक प्रसव कराने वाली संस्था के नाम से चिन्हांकित है. पुराने भवन व सीमित संसाधन के बीच अनुभवी स्टाफ व प्रभारी इसकी प्रमुख वजह है. खास बात यह है कि उरमाल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीन 20 गांव लगभग आते हैं, लेकिन यहां देवभोग ब्लॉक, पड़ोसी राज्य ओडिसा से भी हितग्राही प्रसव कराने पहुंचते हैं. प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी चिकित्सक सनत कुंभकार ने बताया कि उरमाल के सरकारी अस्पताल के प्रति ऐसा विश्वास जमा है कि सुरक्षित प्रसव के आस में हितग्राही आते हैं और हम यह कर दिखाते हैं. इसका श्रेय पूरा स्टाफ को जाता है.
अनुभवी स्टाफ नर्स तेजस्विनी साहू, भानुमति ध्रुव, एएनएम प्रेम कुमारी दीवान, आया बसंती साहू समेत अन्य सभी स्टाफ का विशेष योगदान रहता है. संस्था प्रभारी ने कहा कि समय समय पर सीएमएचओ व बीएमओ के द्वारा दिए जाने वाले मार्गदर्शन व आवश्यकता की समय पर पूर्ति भी हमारी सफलता में सहायक है.

नवम्बर में 100 से ज्यादा कराया प्रसव
माह नवंबर की बात करें तो पूरे जिले में मैनपुर ब्लॉक सबसे ज्यादा 249 प्रसव कराने वाली ब्लॉक है. लेकिन कुल 14 संस्थान वाली इस ब्लॉक में अकेले उरमाल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 102 प्रसव हुआ है. ग्रामीण क्षेत्र में मौजूद स्वास्थ्य विभाग के किसी भी संस्थान में एक माह में प्रसव कराने का यह सर्वोच्च आंकड़ा है.

दूसरी बार भी पहुंचती हैं प्रसूता
उरमाल की प्रसूता ललिता देवी, जलेंद्री बाई, गोलमाल की ममता, धौराकोट की अनिता समेत 50 से ज्यादा ऐसी हितग्राही हैं, जो दूसरी बार भी प्रसव कराने पहुंचे. हितग्राहियों ने बताया कि इस संस्था में परम्परागत तरीके से प्रसव के लिए पर्याप्त समय का इंतजार किया जाता है. स्टाफ अनुभवी है, ऐसे में समय पर सटीक जानकारी मिलती है. हितग्राही व परिजन के प्रति अच्छा व्यवहार मिलता है. यही वजह है कि नगर व आसपास के संभ्रांत व सम्पन्न परिवार के लोग भी बड़े निजी अस्पताल की बजाए उरमाल में प्रसव कराना पसंद करते हैं.

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