मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने दिल्ली सरकार की उदासीनता की आलोचना की, वन स्टॉप सेंटर के कर्मियों को नहीं दे रही वेतन

नई दिल्ली
महिला बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने महिला सुरक्षा से जुड़ी केंद्रीय योजनाओं के प्रति दिल्ली सरकार की उदासीनता की आलोचना की। अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि दिल्ली सरकार वन स्टॉप सेंटर के कर्मचारियों को वेतन नहीं दे रही है जबकि केंद्र सरकार ने पूरा फंड दिल्ली सरकार को दे दिया है।

देशभर में 802 वन स्टाप सेंटर
मंगलवार को केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी और राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निर्भया फंड से 11 हजार करोड़ से अधिक की 49 योजनाएं चल रही हैं। पूरे देश में 802 वन स्टॉप सेंटर हैं, जिनमें अभी तक करीब 10 लाख महिलाओं को मदद मुहैया कराई गई है। वन स्टॉप सेंटर में पीड़ित महिला को एक ही जगह सारी सुविधाएं कानूनी मदद, चिकित्सा सुविधा आदि मिलती है।

हाई कोर्ट भी पहुंच चुका मामला
महिला बाल विकास मंत्री ने कहा कि दिल्ली में भी 11 वन स्टॉप सेंटर हैं लेकिन दिल्ली सरकार वन स्टॉप सेंटर के कर्मचारियों को वेतन नहीं दे रही है जबकि केंद्र सरकार दिल्ली को पूरा फंड दे चुकी है। दिल्ली के वन स्टॉप सेंटर के कर्मचारियों को वेतन न मिलने का मामला हाई कोर्ट भी पहुंचा है और हाई कोर्ट ने दिल्ली सरकार को वेतन देने का आदेश दिया है। स्पष्ट है कि दिल्ली के आगामी चुनाव में भाजपा इसे मुद्दा बना सकती है।

केंद्र सरकार का महिला सशक्तीकरण पर जोर
केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने महिला सशक्तीकरण के लिए सरकार की पहल के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने हमेशा महिला सशक्तीकरण के महत्व पर जोर दिया है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए हम महिलाओं के विकास की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों के तहत पीएम मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित किया।

3 करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाना लक्ष्य
केंद्रीय मंत्री ने यह भी बताया कि महिलाओं के लिए लैंगिक बजट में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। 2024-25 के लिए 3 लाख करोड़ से अधिक का आवंटन किया गया है। 2014 से पहले के आंकड़ों की तुलना में काफी इजाफा किया गया है। उन्होंने कहा कि एक करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाया गया है और हमारा लक्ष्य महिला केंद्रित विकास योजनाओं के माध्यम से तीन करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाना है।

बंगाल ने नहीं शुरू की हेल्पलाइन
अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि 2037 तक अधिकांश क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करना लक्ष्य है। निर्भया फंड के तहत लगभग 49 योजनाओं के लिए 11,000 करोड़ रुपये से अधिक का अनुमानित आवंटन किया गया है। 2014 से अब तक 181 महिला हेल्पलाइन शुरू की गई है। 181 महिला हेल्पलाइन के माध्यम से महिलाओं को सहायता मिल रही है। हालांकि पश्चिम बंगाल ने अभी तक इस हेल्पलाइन को लागू नहीं किया है।

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति