उदयपुर में शादी के बंधन में बंधेंगी पीवी सिंधु, इस तारीख से शुरू होंगी विवाह की रस्में

मुंबई

दो बार की ओलंपिक पदक विजेता शटलर पीवी सिंधु नई पारी शुरू करने को तैयार हैं। वह हैदराबाद स्थित सिडेक्स टेक्नोलॉजीज में कार्यरत लड़के से शादी के लिए तैयार हैं। सिंधु इसी महीने शादी करने वाली हैं। उनके पिता पीवी रमना ने शादी की तारीख, वेन्यू और रिसेप्शन समेत अन्य जानकारी दी है।

22 दिसंबर को उदयपुर में शादी के बंधन में बंधेंगी। शादी से संबंधित कार्यक्रम 20 दिसंबर से शुरू होंगे। पूर्व विश्व चैंपियन ने रविवार (1 दिसंबर) को लखनऊ में सैयद मोदी इंटरनेशनल में जीत के साथ लंबे समय तक खिताब का सूखा खत्म किया। वह हैदराबाद के रहने वाले वेंकट दत्ता साई से शादी करेंगी, जो पॉसिडेक्स टेक्नोलॉजीज में कार्यकारी निदेशक हैं।

रिसेप्शन 24 दिसंबर को हैदराबाद में

सिंधु के पिता पीवी रमना ने  बताया, ” दोनों परिवार एक दूसरे को पहले जानते हैं, लेकिन एक महीने पहले ही सब कुछ तय हुआ था। यह एकमात्र संभावित समय था क्योंकि जनवरी से उनका शेड्यूल बहुत व्यस्त हो जाएगा। इसलिए दोनों परिवारों ने 22 दिसंबर को शादी समारोह आयोजित करने का फैसला किया है। रिसेप्शन 24 दिसंबर को हैदराबाद में होगा। वह इसके तुरंत बाद अपनी ट्रेनिंग शुरू कर देंगी, क्योंकि अगला सत्र महत्वपूर्ण होने वाला है।”

भारत की सबसे महान एथलीटों में से एक

पीवी सिंधु को भारत की सबसे महान एथलीटों में से एक माना जाता है, उन्होंने 2019 में स्वर्ण सहित पांच विश्व चैंपियनशिप पदक जीते हैं। इसके अलावा उन्होंने ओलंपिक खेलों में रजत और कांस्य पदक भी जीता है। चैंपियन बैडमिंटन खिलाड़ी ने रियो 2016 और टोक्यो 2020 में लगातार ओलंपिक पदक जीते और 2017 में करियर की सर्वश्रेष्ठ विश्व रैंकिंग नंबर 2 हासिल की।

एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के पद पर है वेंकट दत्ता साईं

उनके मंगेतर वेंकट दत्ता साईं ने फाउंडेशन ऑफ लिबरल एंड मैनेजमेंट एजुकेशन से लिबरल आर्ट्स एंड साइंसेज/लिबरल स्टडीज में डिप्लोमा किया है. इसके साथ ही उन्होंने 2018 में फ्लेम यूनिवर्सिटी बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन से बीबीए अकाउंटिंग एंड फाइनेंस पूरा किया और उसके बाद इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, बेंगलुरु से डेटा साइंस एंड मशीन लर्निंग में मास्टर डिग्री हासिल की. ​​और अब वे हैदराबाद (Hyderabad) की  कंपनी पॉसाइडेक्स टेक्नोलॉजीज में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के पद पर कार्यरत हैं. यह कंपनी भारत में कस्‍टमर मास्टर डेटा मैनेजमेंट सॉल्‍यूशन मुहैया कराती है.

पहले से जानते थे एक-दूसरे को  

मिली जानकारी के अनुसार दोनों परिवार एक दूसरे को पहले से जानते थे, लेकिन इस शादी का फैसला एक महीने पहले ही लिया गया है. जिसके बाद  तारीख 22 दिसंबर तय की गई है. क्योंकि जनवरी में पीवी सिंधु का शेड्यूल काफी व्यस्त रहेगा. शादी समारोह उदयपुर में एक भव्य स्थल पर आयोजित किया जाएगा, जिसकी तैयारियां जोरों पर हैं. जिसकी तैयारियां 20 दिसंबर से शुरू हो जाएंगी.

24 दिसंबर को हैदराबाद में होगा रिसेप्शन

22 दिसंबर को उदयपुर में शादी के बाद 24 दिसंबर को हैदराबाद में रिसेप्शन होगा. उदयपुर अपनी विरासत, शाही संस्कृति, झीलों और अरावली की पहाड़ियों और खूबसूरती के लिए जाना जाता है. कहा जा रहा है कि इस डेस्टिनेशन वेडिंग में बैडमिंटन और दूसरे खेल जगत की कई बड़ी हस्तियों के शामिल होने की उम्मीद है.

admin

Related Posts

AUS vs PAK क्लैश: विश्व कप वार्म-अप में कौन दिखाएगा असली दम?

नई दिल्ली टी20 विश्व कप से पहले ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान के बीच 3 मैच की सीरीज गुरुवार से शुरू हो रही है। इसके जरिए पाकिस्तानी टीम को विश्व कप की…

तारीफ कम पड़ेगी — अभिषेक शर्मा ने पावर हिटिंग में क्रिस गेल को छोड़ा पीछे, कैफ का बड़ा बयान

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व बल्लेबाज मोहम्मद कैफ ने युवा सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा की प्रशंसा करते हुए कहा है कि वह निरंतरता के साथ आक्रामक बल्लेबाजी के…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति