छत्तीसगढ़-रामानुजगंज कलेक्टर ने छतरपुर भिजवाया मजदूर का शव

बलरामपुर रामानुजगंज.

बलरामपुर रामानुजगंज में रोजी-रोटी के तलाश में आठ माह पूर्व युवक मध्य प्रदेश से रामानुजगंज में अपने रिश्तेदार के यहां आया था जो मेहनत मजदूरी करके अपने तीन मासूम बच्चों एवं पत्नी का पालन पोषण कर रहा था। रविवार को उसका तबीयत ठीक नहीं था। रविवार को छुट्टी रहता है परंतु उसके बाद भी वह अपने बच्चों के लिए काम करने गया था।

शाम को जब वह काम करके वापस आ रहा था तो तबीयत ठीक नहीं लगा तो सड़क किनारे बैठ गया था इसी दौरान स्कॉर्पियो के चपेट में आ जाने से उसकी मौत हो। रविवार को हुई घटना के बाद सोमवार को शव का पोस्टमार्टम नहीं हो सका वही आज शव का पोस्टमार्टम हुआ। मृतक के परिवार जनों की ऐसी स्थिति नहीं थी कि शव को वे क्रिया कर्म के लिए अपने गांव ले जा सकें। कलेक्टर राजेंद्र कुमार कटारा के पहल पर शव को मध्य प्रदेश भेजने की व्यवस्था बनाई गई। गौरतलब है कि बिहारी लाल अहिरवार उम्र 38 वर्ष जो ग्राम कोडयला जिला छतरपुर मध्य प्रदेश का रहने वाला है।वह यहां अपने साढू के यहां रहकर काम करता था। रविवार को तबीयत खराब होने के बाद भी वह काम करने गया था काम करके वापस लौट के दौरान जब तबीयत थोड़ा ठीक नहीं लगा तो रिंग रोड में मुर्गा दुकान के आगे वह सड़क किनारे बैठा था परंतु रविवार की शाम तेज रफ्तार स्कॉर्पियो के चपेट में आ गया जिससे उसकी मृत्यु हो गई। रविवार के शाम को घटना होने के बाद भी सोमवार को पोस्टमार्टम नहीं हो पाया था। आज शव का पोस्टमार्टम हुवा।

कलेक्टर की पहल पर शव भेजा गया मध्यप्रदेश
आज जब शव का पोस्टमार्टम करने के बाद दूसरे प्रदेश में शव भेजने से स्वास्थ्य विभाग के द्वारा हाथ खड़े कर दिए गए तो मृतक के परिजनों के सामने बड़ी समस्या खड़ी हो गई उनकी ऐसी आर्थिक स्थिति नहीं थी कि वह शव को मध्य प्रदेश ले जा सके इस बीच कलेक्टर को जानकारी दी गई तो तात्कालिक उनकी पहल पर शव को मध्य प्रदेश भेजा गया।

'मां पापा को घर ले चलो'
मृतक बिहारी लाल के 11 वर्षीय पुत्र अभिषेक 5 वर्षीय पुत्री सपना कुमारी एवं 3 वर्षीय पुत्री अनुष्का कुमारी है घटना के बाद सभी का रो-रोकर बोला हाल था सोमवार 5 वर्षीय पुत्री कहते रही मां पापा सो रहे हैं इनका घर ले चलो वहां इलाज कराएगे उसे क्या पता निष्ठुर सिस्टम तक उसके रोने की आवाज नहीं पहुंचेंगे।

नगर वासियों ने भी दिखलाई संवेदनशीलता
आज जब शव के पोस्टमार्टम नहीं होने एवं शव के मृतक के गृह ग्राम नहीं भेजे जाने की सूचना मिली तो बड़ी संख्या में लोग 100 बिस्तर अस्पताल पहुंचना प्रारंभ हो गए थे। इस बीच नगर वासियों ने संवेदनशीलता दिखलाते हुए जन सहयोग से 20 हजार रुपय पूर्व नगर पंचायत उपाध्यक्ष शैलेश गुप्ता सहित अन्य लोगों के द्वारा प्रदान किए गए।

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति