देवेंद्र फडणवीस ने फोनकर महाकाल मंदिर के पुजारी को शपथ ग्रहण समारोह में बुलाया

उज्जैन
 देवेंद्र फडणवीस पांच दिसंबर को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। आजाद मैदान में शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया। विधायक दल के नेता चुने जाने के बाद देवेंद्र फडणवीस ने महाकाल मंदिर के मुख्य पुजारी को फोन कर शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने का न्यौता दिया है। महाकाल मंदिर के मुख्य पुजारी अब शपथ ग्रहण समारोह में जाने की तैयारी में जुटे हैं। साथ ही वह शपथ ग्रहण के लिए विशेष प्रसाद लेकर जाएंगे।

पुजारी को आया निमंत्रण

उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी आशीष गुरु के पास शपथ विधि में शामिल होने का आमंत्रण आया है। खास बात तो यह है कि यह आमंत्रण खुद देवेंद्र फडणवीस की ओर से दिया गया है। पुजारी द्वारा आमंत्रण स्वीकार करते ही देवेंद्र फडणवीस के ऑफिस से पुजारी की फ्लाइट की टिकट करवा दी गई है। वह आज मुंबई पहुंचेंगे और कल शपथ विधि समारोह में शामिल होंगे।

रुद्राक्ष की माला और भस्मी लेकर जाएंगे

वहीं, देवेंद्र फडणवीस के लिए पुजारी आशीष गुरु ने खास तैयारी की है। वह यहां से बाबा महाकाल का प्रसाद, रुद्राक्ष की माला और भस्म आरती में चढ़ने वाली भस्मी के साथ ही बाबा महाकाल को अर्पित किया गया दुपट्टा लेकर जाएंगे।

महाकाल के दरबार में 15 सालों से आ रहे देवेंद्र फडणवीस

आशीष पुजारी ने बताया कि पिछले 15 सालों से देवेंद्र फडणवीस बाबा महाकाल के दरबार में आ रहे हैं। उनका पूजन आशीष पुजारी ही करवाते हैं। फडणवीस की बाबा महाकाल में गहरी आस्था है । यही कारण है कि वे वर्ष में दो से तीन बार बाबा महाकाल के दर पर मत्था टेकने जरूर आते हैं। इसके साथ ही कोई भी शुभ कार्य हो वह उसे करने से पहले बाबा महाकाल का आशीर्वाद लेना नहीं भूलते हैं।

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति