मध्य प्रदेश के 6वें रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का शुभारंभ सीएम डॉ. मोहन यादव ने नर्मदापुरम में किया

नर्मदापुरम
 मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज राज्य को औद्योगिक विकास और रोजगार के केंद्र में परिवर्तित करने के उद्देश्य से आयोजित हो रही छठवीं रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव (आरआईसी) का शुभारंभ दीप प्रज्वलन कर किया। नर्मदापुरम में 6वीं कॉन्क्लेव में शामिल होने के लिए 4 हजार से अधिक रजिस्ट्रेशन हुए हैं। इनमें 3 हजार एमएसएमई प्रतिनिधि, 75 प्रमुख निवेशक और कनाडा, वियतनाम, नीदरलैंड, मेक्सिको और मलेशिया जैसे पांच देशों के अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधि शामिल हैं।

संभागीय आईटीआई में हो रहे कॉन्क्लेव में शामिल होने के लिए 4 हजार से अधिक रजिस्ट्रेशन हुए हैं।

इनमें 3 हजार एमएसएमई प्रतिनिधि, 75 प्रमुख निवेशक, और कनाडा, मेक्सिको, नीदरलैंड, वियतनाम और मलेशिया के अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि शामिल हैं। फिल्म डायरेक्टर राजकुमार संतोषी भी पहुंचे हैं। 'नए क्षितिज, नई संभावनाएं' थीम के तहत कॉन्क्लेव में कृषि, डेयरी, खाद्य प्रसंस्करण, नवकरणीय ऊर्जा, पर्यटन और पकड़ा उद्योग जैसे क्षेत्रों पर फोकस है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नर्मदापुरम की रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में उद्योगपतियों को भूमि आवंटन पत्र सौंपे।

कॉन्क्लेव में 3 सेक्टोरल सत्र होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव निवेशकों के साथ वन-टू-वन मीटिंग करेंगे। इसमें 10 से अधिक प्रमुख निवेशक अपनी प्लानिंग शेयर करेंगे। राउंड टेबल सत्र नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र (रिन्यूएबल एनर्जी पार्क) पर केंद्रित होगा। इसे लेकर करीब 45 आवेदन आए हैं। इसमें 'निर्यात कैसे शुरू करें' और 'पर्यटन में निवेश संभावनाएं' जैसे विषयों पर बात होगी। ​​कॉन्क्लेव में विभिन्न औद्योगिक परियोजनाओं का वर्चुअल भूमिपूजन और उद्घाटन भी होगा। निवेशकों को भूमि आवंटन-पत्र भी वितरित किए जाएंगे।

 निवेशकों को भूमि आवंटन-पत्र किए वितरित

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मोहासा-बाबई औद्योगिक क्षेत्र में विद्युत एवं नवीकरणीय ऊर्जा उपकरण विनिर्माण क्षेत्र में इकाइयों के भूमिपूजन एवं भूमि आवंटन पत्र वितरण कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर किया। वहीं मुख्यमंत्री ने मोहासा-बाबई में आयोजित नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के भूमिपूजन के अवसर पर निवेशकों को भूमि आवंटन के आशय पत्र प्रदान कर बधाई व शुभकामनाएं दीं।

नर्मदापुरम में सीएम का स्वागत

सीएम डॉ. मोहन यादव 6वीं रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में शामिल होने नर्मदापुरम पहुंच गए हैं। जिले के प्रभारी मंत्री राकेश सिंह, सांसद दर्शन सिंह चौधरी, राज्यसभा सांसद माया नरोलिया, नर्मदापुरम विधायक डॉ. सीतासरन शर्मा, सोहागपुर विधायक विजयपाल सिंह, कलेक्टर सोनिया मीना, पुलिस अधीक्षक डॉ. गुरकरन सिंह ने सीएम का स्वागत किया।
3 सत्र होंगे आयोजित

पहला सत्र – बांस और सागौन के लकडी के व्‍यवसाय में अवसर पर आधारित है।
दूसरा सत्र – एमएसएमई पर केंद्रित होगा पर निर्यात कैसे शुरू करें पर सत्र आयोजित किया है।
तीसरा सत्र – पर्यटन क्षेत्र में अवसर पर आधारित है।

निवेशकों से करेंगे वन-टू-वन मीटिंग

इस दौरान विभिन्न सेक्टोरल सत्रों में राज्य की औद्योगिक नीति, निवेश प्रोत्साहन और एमएसएमई के लिए उपलब्ध संभावनाओं पर चर्चा की जाएगी। निवेशकों के साथ वन-टू-वन मीटिंग होगी, जिसमें 10 से अधिक प्रमुख निवेशक अपनी योजनाएं प्रस्तुत करेंगे। राउंड टेबल सत्र नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र पर केंद्रित होगा। निर्यात कैसे शुरू करें’और‘पर्यटन में निवेश संभावनाएँ’जैसे विषयों पर सेक्टोरल-सत्र भी होंगे।

कार्यक्रम की थीम ‘नए क्षितिज, नई संभावनाएं’

कार्यक्रम की थीम‘नए क्षितिज, नई संभावनाएं’ रखा गया है। नर्मदापुरम, जो अपनी धार्मिक, प्राकृतिक और सांस्कृतिक धरोहर के लिए जाना जाता है, अब एक उभरते औद्योगिक केंद्र के रूप में भी अपनी पहचान बना रहा है।‘नए क्षितिज, नई संभावनाएं’ थीम के अंतर्गत इस कार्यक्रम में कृषि, डेयरी, खाद्य प्रसंस्करण, नवकरणीय ऊर्जा, पर्यटन और वस्त्र जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया है।

साठ स्टाल लगाए गए

प्रदर्शनी में कुल 60 स्‍टाल विभिन्‍न उत्‍पादनों के प्रदर्शित की जा रही है। इस कार्यक्रम में 60 से अधिक प्रदर्शक शामिल हैं। जो ओडीओपी एक जिला एक उत्पाद, स्थानीय उद्यमियों और व्यवसायों को अपने उत्पादों और सेवाओं को प्रदर्शित करने के लिए मंच प्रदान किया गया है।

इसके अतिरिक्त, व्यापार संघों और सरकारी विभागों के 16 से अधिक प्रदर्शनी स्टाल वाला एक व्यापार संवर्धन केंद्र विभिन्न संस्थानों के बीच संवाद को बढ़ावा देगा और व्यापार के अवसरों को प्रोत्साहित कर रहा है।

स्थानीय उत्पादों की लगी प्रदर्शन

कॉन्क्लेव में स्थानीय उत्पादों के प्रदर्शन के लिए प्रदर्शनी भी लगाई जा रही है, जिसमें 75 से अधिक स्टॉल लग रहे हैं जिनमें एमएसएमई, पर्यटन, हस्तशिल्प विकास निगम, और बैंकिंग संस्थानों के साथ-साथ ओडीओपी उत्पादों के प्रदर्शन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। ये स्टॉल न केवल जानकारी प्रदान करेंगे बल्कि स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने में भी महत्पूर्ण भूमिका निभाएंगे। ‘उद्योग वर्ष 2025’अंतर्गत आयोजित इस कॉन्क्लेव का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के हर क्षेत्र को औद्योगिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।

 

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