महाराष्ट्र विधानसभा: आदित्य ठाकरे, नाना पटोले समेत विपक्षी सदस्यों ने ली विधायक पद की शपथ

नई दिल्ली
महाराष्ट्र विधानसभा के तीन दिवसीय विशेष सत्र की शुरुआत कल हुई। आज सत्र के दूसरे दिन विपक्षी महा विकास अघाड़ी (एमवीए) के सदस्यों ने विधायक के रूप में शपथ ली। सत्र के पहले दिन (शनिवार) राज्य के सीएम देंवेद्र फडणवीस, डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे और अजित पवार ने विधायक पद की शपथ ली थी। महाराष्ट्र विधानसभा के विशेष सत्र के दूसरे दिन रविवार को विपक्ष के 105 विधायकों ने शपथ ली। इन सभी ने EVM के मुद्दे पर 7 दिसंबर को शपथ लेने से इनकार करते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया था। कांग्रेस के नाना पटोले, विजय वडेट्टीवार और अमित देशमुख, NCP-SP नेता जितेंद्र अव्हाड, शिवसेना UBT के आदित्य ठाकरे ने सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होते ही शपथ ली। शनिवार को 173 विधायकों ने शपथ ली थी। इनमें समाजवादी पार्टी के विधायक अबू आजमी और रईस शेख भी शामिल रहे। अब बाकी बचे 9 विधायक सोमवार को शपथ लेंगे। इधर, राहुल नार्वेकर ने आज स्पीकर पद के लिए नामांकन भर दिया है। कोलाबा सीट से विधायक नार्वेकर का निर्विरोध चुना जाना तय है क्योंकि किसी और उम्मीदवार ने नामांकन दाखिल नहीं किया है। शपथ ग्रहण से पहले विपक्ष के नेताओं ने CM फडणवीस से मुलाकात की। ये सभी विधानसभा में डिप्टी स्पीकर के पद की मांग को लेकर पहुंचे थे।

जानिए मारकडवाडी विवाद, जिसकी वजह से EVM पर विपक्ष सवाल उठा रहा
मारकरवाडी के लोगों ने 3 दिसंबर को बैलेट पेपर से मॉक पोलिंग रखी थी, लेकिन प्रशासन ने इसे रोक दिया था। मारकरवाडी के लोगों ने 3 दिसंबर को बैलेट पेपर से मॉक पोलिंग रखी थी, लेकिन प्रशासन ने इसे रोक दिया था। 23 नवंबर को महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव का रिजल्ट आया था। सोलापुर जिले की मालसिरस विधानसभा सीट से NCP (शरद) उम्मीदवार उत्तमराव जानकर ने जीत हासिल की थी। उन्होंने बीजेपी के राम सातपुते को हराया था। रिजल्ट के बाद मालसिरस विधानसभा के मारकडवाडी गांव के लोगों ने दावा किया था कि गांव के ज्यादातर लोगों ने NCP प्रत्याशी को वोट दिए थे, लेकिन EVM के आंकड़े के मुताबिक बीजेपी प्रत्याशी को 1003 वोट मिले हैं और NCP प्रत्याशी को 843 वोट। ये गलत है। गांववालों का दावा है कि बीजेपी प्रत्याशी को 100-150 वोट से ज्यादा नहीं मिल सकते हैं। गांववालों ने खुद के खर्चे पर स्थानीय प्रशासन से बैलट पेपर पर दोबारा मतदान कराने की अपील की थी, लेकन प्रशासन से इसे खारिज कर दिया था। इसी के बाद EVM में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए आज गांववालों ने खुद बैलट पेपर पर मतदान का कार्यक्रम आयोजित किया। 3 दिसंबर को सारी तैयारी की गई थी। पोलिंग बूथ तक बनाया गया था, लेकिन प्रशासन ने बैलेट पेपर से ग्रामीणों की तरफ से वोटिंग को रोक दिया था। 17 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी।

विपक्ष के किसी भी दल के पास 10% सीटें नहीं, नेता विपक्ष पर संशय
महाराष्ट्र की 288 विधानसभा सीटों पर 20 नवंबर को वोटिंग हुई थी। 23 नवंबर को रिजल्ट आया। महायुति को 230 सीटें मिलीं। इसमें भाजपा को 132, शिवसेना को 57 और NCP के 41 विधायक जीते। वहीं महाविकास अघाड़ी (MVA) को 46 और अन्य को 12 सीटें मिलीं। MVA में शिवसेना (UBT) 20, कांग्रेस 16 और शरद पवार की NCP को 10 सीटों पर जीत मिली। बहुमत का आंकड़ा 145 है। नेता विपक्ष पर दावा करने के लिए पार्टी के पास 10% सीटों का होना जरूरी है। 288 सीटों वाली महाराष्ट्र विधानसभा में इस पद पर दावा करने के लिए 29 सीटों की जरूरत है, जो किसी भी विपक्षी पार्टी के पास नहीं हैं। ऐसे में विधानसभा में कोई भी मुख्य विपक्षी दल और उसका नेता नहीं होगा।

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