मेनका गांधी की जमीन पर विवाद : पटवारी की हेराफेरी, रायसेन में बंद हो गया अंग्रेजों के जमाने का रास्ता

रायसेन
मध्यप्रदेश के रायसेन जिले में पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनिका गांधी से जुड़ा जमीन विवाद सामने आया है। यह जमीन पीपलखिरिया ग्राम पंचायत में है। ग्रामीणों ने हेराफेरी का आरोप लगाते हुए कहा, अंग्रेजों के जमाने का रास्ता बंद करा दिया गया है। रास्ता ब्लॉक होने से पांच गांव के लोग परेशान हो जाएंगे।

रायसेन में राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित सेहतगंज टोल प्लाजा के पास पीपलखिरिया गांव का रास्ता वर्षों पुराना है। इसके किनारे पंचायत ने पेयजल लाइन डलवाई है। प्राचीन मंदिर भी यहीं पर स्थित है, लेकिन पटवारी और राजस्व निरीक्षक ने सीमांकन में रास्ते को निजी आराजी दर्शा दिया। खरीददार ने फेंसिंग के लिए पोल गड़वा दिए हैं।

युद्धाभ्यास के लिए जाते थे ब्रिटिश सैनिक
ग्रामीणों ने बताया कि इस सड़क का निर्माण अंग्रेजों ने कराया था। अंग्रेजों इसी रास्ते से जंगल में स्थित अपनी छावनी जाया करते थे। ब्रिटिश सैनिक वहां युद्धाभ्यास किया करते थे। अंग्रेजों के बनाई टंकी, स्टापडेम और बावड़ी भी वहां मौजूद है, लेकिन पटवारी और राजस्व निरीक्षक ने हेराफेरी कर रास्ता बंद करा दिया।

मेनका गांधी के पिता को मिली थी जमीन
ग्रामीणों के मुताबिक, अंग्रेजों ने यह जमीन भोपाल के बैरागढ़ निवासी सरदार दातारसिंह को बतौर इनाम दे गए थे। सरदार दातारसिंह मेनका गांधी के पिता थे। जमीन का बड़ा हिस्सा सीलिंग में चला गया था। शेष जमीन को मेनका गांधी ने हाल ही में बेचा है। लेकिन खरीददार ने सीमांकन कराकर रास्ता ब्लॉक कर दिया। ग्रामीणों ने रायसेन कलेक्टर से रास्ते खुलवाने की मांग की है। 

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