जय श्री राम का नारा अब रामराज्य तक सीमित नहीं , इसका उपयोग अब किसी मुस्लिम बच्चे को मारने के लिए किया जाता है: इल्तिजा मुफ्ती

रतलाम

पीडीपी नेता इल्तिजा मुफ्ती के हिंदुत्व और हिंदू धर्म पर दिए बयान ने राजनीतिक गर्मी बढ़ा दी है. मध्य प्रदेश के रतलाम से सामने आए वायरल वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए इल्तिजा ने हिंदुत्व को एक बीमारी बताया था. उनके इस बयान के सामने आने के बाद अब भाजपा नेताओं ने उन्हें आड़े हाथों लिया है. इल्तिजा ने हिंदुत्व को नफरत फैलाने वाली विचारधारा बताया और आरोप लगाया कि “जय श्री राम” के नारे का इस्तेमाल आजकल हिंसा और लिंचिंग के लिए हो रहा है. उन्होंने हिंदुत्व को एक "बीमारी" बताते हुए कहा कि इसका इलाज जरूरी है.

इल्तिजा ने कहा, "हिंदुत्व और हिंदू धर्म में फर्क है. हिंदुत्व तो भारत में सावरकर लेकर आए थे. यह नफरत वाली फिलॉसफी है. जय श्री राम का नारा अब रामराज्य तक सीमित नहीं है. इसका उपयोग अब किसी मुस्लिम बच्चे को मारने के लिए किया जाता है." भाजपा नेताओं ने उनके इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी. भाजपा के वरिष्ठ नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा, "हिंदुत्व देश की संस्कृति है. इल्तिजा को सनातन संस्कृति पढ़नी चाहिए. उन्हें हिंदुत्व-फोबिया हो गया है."

रवींद्र रैना ने कहा, अमर्यादित बयान
इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर भाजपा के अध्यक्ष रविंद्र रैना ने उनके बयान को अमर्यादित बताया. उन्होंने कहा, "भगवान राम का नाम लेकर उन्होंने जो बोला, वह सही नहीं है. राजनीति में ऐसी भाषा नहीं बोली जानी चाहिए. इल्तिजा मुफ्ती को माफी मांगनी चाहिए."

कांग्रेस ने किया समर्थन
कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने हालांकि इल्तिजा के बयान का समर्थन करते हुए इसे संतुलित बताया. उन्होंने कहा, "इल्तिजा ने हिंदू धर्म की तारीफ की है. वह उभरती हुई नेता हैं और हर धर्म का सम्मान करना चाहिए."

क्या थी इल्तिजा मुफ्ती की पोस्ट
जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा मुफ्ती ने राम के नाम पर कथित रूप से मुस्लिम बच्चों के साथ हुए दुर्व्यवहार पर तीखी प्रतिक्रिया दी थी. उन्होंने X पर पोस्ट करते हुए लिखा था कि, "यह सब देखकर राम भी बेबसी और शर्म से सिर झुका लेंगे, कि उनके नाम का इस्तेमाल करके नाबालिग मुस्लिम बच्चों को सिर्फ इसलिए चप्पलों से मारा जा रहा है क्योंकि उन्होंने राम का नाम लेने से इनकार किया. हिंदुत्व एक बीमारी है जिसने लाखों भारतीयों को प्रभावित किया है और भगवान के नाम को कलंकित किया है."

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति