मुरैना में रिटायर्ड फौजी ने पत्नी को गोली मारी, सुसाइड किया, दोनों बेटों पर भी तानी पिस्टल, धक्का देकर भागे बच्चे

मुरैना
 शहर में रिटायर आर्मी जवान ने पहले पत्नी को गोली मारी और फिर खुद को भी गोली मारकर आत्महत्या कर ली। घटना शहर के एसपी ऑफिस के सामने स्थित विक्रम नगर की है।

45 वर्षीय देवेंद्र सिंह गुर्जर आर्मी से 5 साल पहले रिटायर हुए थे और वर्तमान में धौलपुर में वेयर हाउस पर सुरक्षा गार्ड की नौकरी करते थे। अब तक की जानकारी के मुताबिक, रात 3:30 के करीब किसी बात पर विवाद के दौरान पत्नी से हाथापाई हुई।
इसके बाद लाइसेंसी पिस्टल से 43 साल की पत्नी माधुरी गुर्जर को गोली मार दी। जिस कमरे में पत्नी को गोली मारी, वहीं पास में देवेंद्र के दोनों बेटे, गौरव गुर्जर (16 साल) और सौरभ गुर्जर (14 साल) सोए हुए थे।

देवेंद्र सिंह ने दोनों बेटों को भी गोली मारने की कोशिश की, तभी दोनों बेटे हाथापाई कर और धक्का देकर वहां से भाग निकले। इसके बाद देवेंद्र ने खुद को गोली मार ली।

देवेंद्र की मौके पर ही मौत। माधुरी को गंभीर हालत में जिला अस्पताल ले जाया गया जहां उपचार के दौरान माधुरी ने दम तोड़ा। सीएसपी, सिविल लाइन थाने की पुलिस टीम मौके पर गई और मामले की जांच की।

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति