प्रियंका गांधी ने संसद में अपना पहला भाषण दिया तो जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी तक की सरकारों का बचाव किया

नई दिल्ली
प्रियंका गांधी ने संविधान पर बहस के दौरान लोकसभा में कांग्रेस की ओर से मोर्चा खोला। उन्होंने भाजपा नेता राजनाथ सिंह की स्पीच के बाद संसद में अपना पहला भाषण दिया तो जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी तक की सरकारों का बचाव किया। इसके अलावा दादी इंदिरा गांधी की ओर से आपातकाल लगाने की गलती को भी स्वीकार किया। उन्होंने इमरजेंसी को लेकर कहा, 'यहां 1975 की बातें की जाती हैं। उन्होंने कहा कि मैं कहती हूं कि फिर आप भी सीख लीजिए ना। आप बैलेट पेपर से ही क्यों नहीं चुनाव करा लेते। दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।'

उन्होंने राजनाथ सिंह की ओर से यूपी में सरकार के उलटफेर पर कहा कि मैं भी बता देती हूं कि महाराष्ट्र में सरकारों के साथ क्या हुआ। हिमाचल प्रदेश में कैसे सरकार गिराने की कोशिश हुई। पूरी जनता जानती है और हंसती है कि इनके यहां तो वॉशिंग मशीन है। यहां से जो वहां जाता है, वह धुल जाता है। इस तरफ दाग और उधर स्वच्छता। यही नहीं प्रियंका गांधी ने भाजपा की सरकार पर संविधान बदलने की कोशिश का आरोप लगाया। प्रियंका गांधी ने कहा, 'संविधान बदलने का काम शुरू हो गया है। सत्ता पक्ष के लोगों ने संविधान के सुरक्षा कवच को तोड़ना शुरू कर दिया है, जो आम आदमी को मिला था।'

वायनाड की सांसद ने कहा,'लेटरल एंट्री और निजीकरण के जरिए यह सरकार आरक्षण को कमजोर कर रही है। यदि लोकसभा में ऐसे नतीजे नहीं आए होते तो ये संविधान बदलने का काम भी शुरू कर देते। आज सच्चाई यह है कि ये लोग संविधान-संविधान इसलिए कर रहे हैं क्योंकि चुनाव के नतीजों ने बता दिया कि जनता ऐसा नहीं होने देगी। हारते-हारते जीतने के बाद इनका सुर बदला है। आज जनता की मांग है कि जाति जनगणना हो। यह जनगणना इसलिए जरूरी है ताकि पता चले कि किसकी क्या स्थिति है और उसके हिसाब से नीतियां बनें।'

जाति जनगणना की बात की तो कहने लगे- भैंस चुरा ली जाएगी
कांग्रेस सांसद ने कहा कि हमने जब जाति जनगणना की मांग उठाई तो इनका जवाब भैंस चुरा लेंगे और मंगलसूत्र चुरा लेंगे। प्रियंका गांधी ने कहा कि आप लोग जिनका नाम लेने से बचते हैं और कभी कभार धड़ाधड़ लेते हैं। उन्होंने ही देश को तमाम पीएसयू दिए। उन्होंने ही बांधों से लेकर तमाम कॉलेजों को खड़ा किया। आज सत्ता पक्ष में बैठे लोग ज्यादातर अतीत की बातें करते हैं। नेहरू जी ने क्या किया। अरे! वर्तमान की बात करिए और देश को बताइए। आपकी जिम्मेदारी क्या है, सब जिम्मा जवाहर लाल नेहरू का ही है क्या।

एक आदमी को बचाने में जुटी है सरकार, अडानी पर फिर से वार
प्रियंका गांधी ने कहा कि आज आम आदमी के लिए आर्थिक सुरक्षा कवच को तोड़ा जा रहा है। हिमाचल में सेबों के कारोबार में भी अडानी को एंट्री दी गई है। उनके ही हाथ में कोल्ड स्टोरेज हैं। उन्होंने कहा कि देश देख रहा है कि कैसे एक आदमी को बचाया जा रहा है। सारे एयरपोर्ट, खदान, बंदरगाह और कंपनियां सिर्फ एक आदमी को दिए जा रहे हैं। जनता में यह विश्वास था कि कुछ नहीं है तो संविधान हमारी रक्षा करेगा। लेकिन आज आम लोगों में यह धारणा बनती जा रही है कि यह सरकार सिर्फ अडानी के लिए चल रही है। आज अमीर और अमीर हो रहा है और गरीब की गरीबी बढ़ती जा रही है।

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