कांग्रेस के विधायक दल की बैठक, भूपेश बघेल कहीं नजर नहीं आए

रायपुर

रविवार को कांग्रेस के विधायक दल की बैठक रायपुर के एक होटल में हुई। कांग्रेस के सभी विधायक पहुंचे लेकिन भूपेश बघेल कहीं नजर नहीं आए। थोड़ी ही देर में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।

सत्र से ठीक 1 दिन पहले बैठक में सदन के भीतर कांग्रेस का रुख क्या रहेगा? इसकी रणनीति नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत, प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज और पूर्व उपमुख्यमंत्री TS सिंहदेव ने मिलकर तैयार की।

सभी को इंतजार था कि भूपेश बघेल भी आएंगे। लेकिन करीब 2 घंटे बीत जाने के बाद भी नहीं आए। बंद कमरे में कांग्रेसी विधायकों की बैठक चलती रही। नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत, TS सिंहदेव और दीपक बैज बैठक को लीड कर रहे थे। जब कुछ घंटे बीत जाने के बाद भी भूपेश बघेल नहीं आए तो खबर आई की बघेल की तबीयत ठीक नहीं होने की वजह से वह बैठक में शामिल नहीं होंगे।

बैठक खत्म होने के बाद जब चरण दास महंत मीडिया के सामने आए, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि इससे पहले आप मुझसे पूछे मैं आपको बता देना चाहता हूं कि भूपेश बघेल जी की तबीयत ठीक नहीं है। उन्हें सर्दी जुकाम होने की वजह से वह घर पर आराम कर रहे हैं। लेकिन पूरी मुस्तैदी के साथ सदन में नजर आएंगे और सरकार से जनहित के सवाल करते हुए सभी नेता सदन में दिखाई देंगे ।

स्थगन और ध्यानाकर्षण लेकर आएगी कांग्रेस

करीब 4 दिन की विधानसभा की कार्रवाई में कांग्रेस स्थगन और ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लेकर आएगी। 16 से 20 दिसंबर तक चलने वाले सदन में कांग्रेस अनुपूरक बजट पर भी चर्चा करेगी। कांग्रेस विधायक इस कोशिश में हैं कि उनके इलाकों में अटके जनता के कामों को लेकर भी बात सदन में उठाई जाए।

पूर्व मंत्री-विधायक बुलाए गए

कांग्रेस ने नया प्रयोग करते हुए पहली बार विधायक दल की बैठक में पूर्व विधायक और पूर्व मंत्रियों को बुलवाया। सीनियर नेताओं से उनके अनुभव जाने गए। यह भी पूछा गया कि बताइए सरकार को सदन में कैसे घेरें।

महंत ने कहा- पूरा प्रदेश आक्रोश में है। धान खरीदी, शराब बेचने का मुद्दा सदन में उठाएंगे। छत्तीसगढ़ को 1 साल में इस सरकार ने बदहाली की हालत में ले जाने का काम किया है। हम विधानसभा के हर एक मिनट का उपयोग करके जनता के हित के विषय लेकर आएंगे। भाजपा के लोग जो सुशासन कहते हैं, इनका तो ये सुशासन कुशासन से भी बढ़कर है।

एक महीने सत्र चले मुद्दों की कमी नहीं

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने भाजपा के उन आरोपों पर जवाब दिया, जिसमें कांग्रेस के पास मुद्दा न होने की बात आती है। बैज ने कहा- ये तो चार दिन का सत्र लेकर आए हैं। अगर एक महीने भी सत्र चले तो भी हमारे पास मुद्दों की कमी नहीं है।

इस समय कांग्रेस पार्टी सदन के अंदर और सदन के बाहर दोनों तरह से जनता की लड़ाई लड़ रही है। महिलाओं पर अत्याचार हुआ है, बच्चों की टॉयलेट में पढ़ाई चल रही है।

सदन में हंगामे की वजह से कार्रवाई के प्रभावित होने को लेकर बैज ने कहा- हमारा विधायक दल चाहता है चर्चा हो। लेकिन सरकार यदि चर्चा से भागेगी तो, कैसे चलेगा। हंगामा करना हमारा मकसद नहीं है चर्चा करना कांग्रेस का मकसद है।​​​​

शाह के दावे पर सिंहदेव की चिंता

रविवार को रायपुर में अमित शाह ने फिर से कहा कि 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद खत्म कर देंगे। इसे लेकर सिंहदेव ने कहा- इस तरह की डेडलाइन को प्राप्त करने के लिए छत्तीसगढ़ के एक भी निर्दोष व्यक्ति की फर्जी एनकाउंटर में मृत्यु की बात सामने नहीं आनी चाहिए।

जब आप ऐसी डेडलाइन रखते हैं तभी इस प्रकार की स्थितियां बनती हैं। इस उतावलेपन को कांग्रेस पार्टी बर्दाश्त नहीं करेगी। सरगुजा से नक्सलवाद खत्म करने के भाजपा के दावे को लेकर सिंहदेव ने कहा कि यह पार्टी की बात नहीं है। ये लॉ एंड आर्डर का विषय है।

 

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