इंदौर में तीसरी दो-दिनी एनआरआई समिट आज 16 दिसंबर से ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में शुरू होगी

 इंदौर

इंदौर में तीसरी दो-दिनी एनआरआई समिट 16 दिसंबर से ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में शुरू होगी। इसकी सारी तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। समिट का उद्देश्य विभिन्न देशों से आए डेढ़ सौ से ज्यादा इंदौरी एनआरआई को एकजुट करना है।
इसमें व्यापार, संस्कृति और वैश्विक सहयोग के अवसर शामिल होंगे। यह दो-दिनी आयोजन फोरम की सालभर की उपलब्धियों को भी प्रदर्शित करेगा। इसमें निवेश के अवसरों को बढ़ावा देने से लेकर एनआरआई को इंदौर की परंपराओं और मूल्यों से जोड़ने वाले आयोजनों का समावेश होगा।

इस साल की समिट का मुख्य उद्देश्य भारत में निवेश के अवसरों को प्रदर्शित करना है। इसमें यह दिखाना है कि एनआरआई देश के विकास में कैसे सक्रिय रूप से भाग ले सकते हैं। समिट के दौरान एनआरआई उनके निवास देशों में अपनाई गई श्रेष्ठ प्रथाओं को साझा करेंगे। इस बीच यह भी बताया जाएगा कि इन प्रथाओं को इंदौर के विकास में कैसे लागू किया जा सकता है।

ऐसा रहेगा कार्यक्रम

    16 दिसंबर को एनआरआई की इंदौर उद्योगपतियों के साथ बिजनेस मीट आयोजित की जाएगी। इसमें इंदौर में निवेश और वैश्विक सहयोग को लेकर चर्चा होगी। इस पहल से इंदौर को वैश्विक अवसरों के लिए एक मजबूत केंद्र के रूप में स्थापित किया जा सकेगा। हालांकि, इस बार समिट में मीडिया की एंट्री नहीं होगी।

    17 दिसंबर को उत्सव की शुरुआत क्रिकेट मैच से होगी, जो LBW टर्फ पर आयोजित किया जाएगा। शाम को राजवाड़ा महल में सांस्कृतिक मिलन का आयोजन किया जाएगा। समापन रात को गोपाल मंदिर में एक विशेष इंदौरी प्रसाद मेनू के साथ होगा।

मेयर बोले- एनआरआई समिट इंदौर के वैश्विक परिवार का उत्सव

इंदौर मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया कि एनआरआई फोरम केवल एक वार्षिक मीट नहीं है, बल्कि यह इंदौर और इसके वैश्विक परिवार के बीच एक मजबूत संबंध का उत्सव है। यह मंच एनआरआई को उनके शहर के विकास में योगदान देने का अवसर प्रदान करता है। यह समिट प्रगति, एकता और संस्कृति का प्रतीक बनेगी और दुनिया भर के इंदौरवासियों को अपने प्रिय शहर से जोड़ने का काम करेगी।

ऑस्ट्रेलिया, यूएसए समेत 19 देशों से आएंगे एनआरआई

समिट में अर्पित जैन (नीदरलैंड), सौरव गुप्ता, अंशुल लाड (यूएसए), रॉबिन सुनील पल (आयरलैंड), अंकित अग्रवाल (साइप्रस), शिवम शुक्ला (ऑस्ट्रेलिया), मितेन सोनी, आशीष अग्रवाल (कनाडा), अर्पित बंग, स्नेहा लड्‌ढा (न्यूजीलैंड), शीतल जैन, विक्रांत राठौर (सिंगापुर), विकास चौधरी, सोनिया बिल्लौरे (स्वीडन), आनंद शर्मा (जर्मनी), रोहन अग्रवाल, अर्पित चौरडिया (जापान), शांतनु मिश्रा, विपुल डिंडुलकर (यूके) समेत 19 देशों के करीब 150 एनआरआई शामिल होंगे।

मकर संक्रांति- रंगपंचमी में भी शामिल हुए एनआरआई

मेयर ने यह भी बताया कि इंदौरी एनआरआई फोरम ने इंदौर और उसके वैश्विक समुदाय के बीच एक मजबूत सेतु का काम किया है। मकर संक्रांति के दौरान फोरम ने पतंगबाजी उत्सव आयोजित किया, जिससे एनआरआई को अपने घरों की यादें ताजा करने का अवसर मिला। रंगपंचमी के दौरान उन्हें इंदौर की गेर में शामिल होने का मौका दिया गया, जिसमें उनके आराम और सुरक्षा के लिए विशेष ट्रक का इंतजाम किया गया।

फोरम पर्यावरण संरक्षण में भी सक्रिय है। इंदौर के रिकॉर्ड-ब्रेकिंग पौधारोपण अभियान में एनआरआई ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और इस ऐतिहासिक आयोजन का हिस्सा बने।

 

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति