प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जयपुर से मरुधरा को देंगे 46, 300 करोड़ रुपये की सौगात

जयपुर।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज राजस्थान की राजधानी जयपुर पहुंचे। मरुधरा को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए वे 46, 300 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे। पीएम मोदी करीब 3 घंटे तक जयपुर में रहेंगे। इस दौरान वह वाटिका रोड पर आयोजित एक वर्ष-परिणाम उत्कर्ष कार्यक्रम में शामिल होंगे और वहां से बिजली, पानी, सड़क, रेलवे से जुड़ी 46300 करोड़ रुपये से अधिक की 24 परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास करेंगे।

इसके अलावा पीएम मोदी पार्वती-कालीसिंध-चंबल पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना का उद्घाटन भी करेंगे। 11 नदियों को इस परियोजना के तहत जोड़ा जाएगा, इससे प्रदेश के 21 जिलों में पानी की समस्या खत्म हो जाएगी। पीकेसी-ईआरसीपी में चंबल और इसकी सहायक नदियां पार्वती, कालीसिंध, कुनो, बनास, बाणगंगा, रूपरेल, गंभीरी और मेज शामिल हैं। नवनेरा बैराज से पानी गलवा बांध तक लाया जाएगा। यहां दो हिस्सों में ईसरदा बांध और बीसलपुर बांध तक पानी पहुंचेगा। नवनेरा से चंबल नदी पर जल सेतु बनाकर पानी मेज नदी तक आएगा। इससे राजस्थान की 2.80 लाख हेक्टेयर भूमि को सिंचाई करने के लिए पानी मिलेगा। पहले प्रदेश की सिर्फ 80 हजार हेक्टेयर भूमि सिंचित होती थी। लेकिन, अब 2 लाख नया क्षेत्र जोड़ा जाएगा और इसका लाभ 25 लाख किसान परिवारों को होगा। इससे प्रदेश की 40 फीसदी आबादी तक साफ पानी पहुंचेगा। पीकेसी-ईआरसीपी से राजस्थान के झालावाड़, बारां, कोटा, बूंदी, सवाई माधोपुर, गंगापुर सिटी, करौली, धौलपुर, भरतपुर, डीग, दौसा, अलवर, खैरथल-तिजारा, जयपुर, जयपुर ग्रामीण, कोटपूतली-बहरोड़, अजमेर, ब्यावर, केकड़ी, टोंक, दूदू जिले की जनता को पीने के पानी की समस्या से छुटकारा मिलेगा। यहां से पंपिंग कर पहले बने गलवा बांध तक जाएगा, गलवा से 31 किलोमीटर दूर ईसरदा तक पानी पहुंचेगा। अपने इस दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी दो बैराज का भी शिलान्यास करेंगे। बता दें कि कूल नदी पर रामगढ़ बैराज और पार्वती नदी पर महलपुर बैराज का निर्माण होगा। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट कर लिखा, 'विकसित भारत के संकल्प की सिद्धि के लिए विकसित राजस्थान भी जरूरी है। इसी कड़ी में आज दोपहर 12 बजे जयपुर में राज्य सरकार के ‘एक वर्ष-परिणाम उत्कर्ष’ कार्यक्रम का हिस्सा बनूंगा, इसमें रेल-सड़क सहित कई परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास का भी सौभाग्य मिलेगा।'

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