प्राकृतिक सौंदर्य के बीच ऑल सीजन टेंट में लग्जरी ग्लैम्पिंग का मिलेगा अनुभव : राज्य मंत्री लोधी

चंदेरी इको रिट्रीट’ की शुरुआत 18 दिसंबर से : राज्य मंत्री लोधी

स्त्री फ़िल्म की शूटिंग लोकेशन पर दर्शक ले सकेंगे सेल्फी

प्राकृतिक सौंदर्य के बीच ऑल सीजन टेंट में लग्जरी ग्लैम्पिंग का मिलेगा अनुभव : राज्य मंत्री लोधी
क्राफ्ट बाजार, फूड फेस्टिवल, स्थानीय कल्चरल परफॉरमेंस के साथ कर सकेंगे हेरिटेज वॉक : राज्य मंत्री लोधी
देश के पहले क्रॉफ्ट हैंडलूम टूरिज्म विलेज "प्राणपुर" से खरीदे चंदेरी साड़ी

भोपाल

प्रसिध्द ऐतिहासिक नगर चंदेरी में एडवेंचर के रोमांच और लोक कला एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के साथ लग्ज़री ग्लैपिंग के अनुभव के लिए 'चंदेरी इको रिट्रीट’ की शुरुआत 18 दिसंबर से की जा रही है। पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने बताया कि 'चंदेरी इको रिट्रीट’ ऐतिहासिक और सांस्कृतिक नगरी चंदेरी को पर्यटन मानचित्र पर प्रमुखता से लाने का एक प्रयास है। चंदेरी इको रिट्रीट, पर्यटकों और आगंतुकों को चंदेरी की समृद्ध विरासत, प्राकृतिक सुंदरता और ऐतिहासिक स्थलों से अवगत कराएगा। इससे न केवल स्थानीय शिल्पकारों और व्यवसायों को रोजगार और लाभ मिलेगा, बल्कि चंदेरी देश-विदेश के पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनेगा।  

प्रमुख सचिव पर्यटन और संस्कृति एवं प्रबंध संचालक टूरिज्म बोर्ड शिव शेखर शुक्ला ने बताया कि 'चंदेरी इको रिट्रीट’ के दूसरे संस्करण के दौरान चंदेरी की लोकप्रिय फिल्म लोकेशंस से पर्यटकों को जोड़ने के लिये स्त्री सेल्फी पॉइन्ट बनाने की पहल की गई है। ब्लॉकबस्टर फिल्म स्त्री के दोनों पार्ट की शूटिंग वाले लोकेशंस में जाकर पर्यटक सेल्फी लें सकेंगे। इसके साथ ही स्थानीय कला पर आधारित आर्ट और क्रॉफ्ट बाजार, स्थानीय व्यंजनों के स्वाद के लिए फूड फेस्टिवल, लोक कला व सांस्कृतिक आयोजन के साथ ही रोमांचक और साहसिक गतिविधियां पर्यटकों को अविस्मरणीय अनुभव के लिए तैयार है।

मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा जिला प्रशासन अशोकनगर एवं 'सन सेट डेजर्ट कैंप' के सहयोग से ऑल सीज़न टेंट सिटी स्थापित की गई है। यहां पर्यटक लग्जरी ग्लैम्पिंग का अनुभव कर सकेंगे। चंदेरी के इतिहास को करीब से जानने के लिए “हेरिटेज वॉक” का भी आयोजन किया जाएगा, जो शहर के प्राचीन किलों, महलों और मस्जिदों की अद्भुत कहानियों को जीवंत बनाएगा। इसके साथ ही “चंदेरी इको रिट्रीट” दौरान एक इन-हाउस हॉस्पिटेलिटी टीम भी मौजूद रहेगी, जो मेहमानों को चंदेरी भ्रमण में मदद और मार्गदर्शन प्रदान करेगी।

देश के पहले क्राफ्ट हैंडलूम टूरिज्म विलेज "प्राणपुर" से खरीदे चंदेरी साड़ी

चंदेरी इको रिट्रीट के दौरान पर्यटकों को देश के पहले क्रॉफ्ट हैंडलूम टूरिज्म विलेज "प्राणपुर" का भ्रमण करने का मौका मिलेगा। प्राणपुर गांव विश्व प्रसिद्ध चंदेरी साड़ी को परंपरागत रूप से बनाए जाने के लिए विशेष पहचान रखता है। यहां पर्यटक न सिर्फ चंदेरी साड़ी खरीद सकते है बल्कि साड़ी बुनते हुए देख भी सकते है। साथ ही स्थानीय महिलाओं द्वारा संचालित हैंडलूम कैफे के आकर्षक इंटीरियर और स्वादिष्ट व्यंजनों का लुत्फ उठा सकते है। मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड ने बुनकरों एवं शिल्पकारों की कला को संरक्षित करते हुए बाजार मुहैया कराने एवं प्रशिक्षित करने के उद्देश्य से चंदेरी से 4 किलोमीटर दूर स्थित प्राणपुर में ‘क्रॉफ्ट हैंडलूम टूरिज्‍म विलेज’’ का विकास किया गया है।

 

  • admin

    Related Posts

    अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

    अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

    मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

    रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति