संसद परिसर में हुए विवाद: भाजपा सांसद हाथ उठाते तो क्या होता’, संसद परिसर में धक्का-मुक्की पर भड़के किरेन रिजिजू

नई दिल्ली
संसद परिसर में हाल ही में हुए विवाद ने राजनीति को गरमा दिया है। भाजपा ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने उनके दो सांसदों, प्रताप चंद्र सारंगी और मुकेश राजपूत, को धक्का दिया। इस घटना के बाद भाजपा नेताओं ने राहुल गांधी को निशाने पर लिया, जबकि कांग्रेस ने इन आरोपों को सिरे से नकारा। इस बीच केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी और राहुल गांधी के व्यवहार को लेकर सवाल उठाए।

क्या हुआ था घटनाक्रम?
बीजेपी सांसदों का कहना है कि राहुल गांधी ने उनके दो सांसदों को शारीरिक रूप से धक्का दिया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रताप सारंगी और मुकेश राजपूत को धक्का देने के बाद भाजपा नेताओं ने राहुल गांधी की आलोचना की और कहा कि अगर भाजपा सांसद भी इस तरह की शारीरिक ताकत का इस्तेमाल करते, तो स्थिति और बिगड़ सकती थी। भाजपा नेताओं का आरोप था कि राहुल गांधी ने संसद में एक अस्वीकार्य व्यवहार का प्रदर्शन किया।

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू का बयान
इस घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, "संसद कोई कुश्ती का अखाड़ा नहीं है, जहां शारीरिक ताकत दिखाई जाए। राहुल गांधी ने दो सांसदों को धक्का दिया, क्या आपने (राहुल गांधी) कराटे और कंफू सीखा है ताकि आप दूसरे सांसदों को मार सकें?" उन्होंने कहा कि यह संसद की मर्यादा के खिलाफ है, और सवाल उठाया कि राहुल गांधी को कौन से कानून ने यह अधिकार दिया कि वे किसी सांसद को धक्का देकर चोट पहुंचाएं। रिजिजू ने यह भी कहा कि अगर सभी सांसद अपनी ताकत दिखाकर संसद में मारपीट करने लगेंगे, तो संसद की कार्यवाही कैसे चलेगी? उन्होंने राहुल गांधी की आलोचना करते हुए कहा कि वे लोकसभा में विपक्ष के नेता हैं और उन्हें अपने आचरण के प्रति जिम्मेदार रहना चाहिए।

कांग्रेस और इंडिया गठबंधन का विरोध प्रदर्शन
रिजिजू ने यह भी बताया कि कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के सदस्य संसद में लगातार प्रदर्शन करते हैं, जबकि एनडीए के सांसदों का यह विरोध प्रदर्शन एक विशेष कारण से था। उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शन इसलिए हुआ क्योंकि कांग्रेस पार्टी ने बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर का अपमान किया है। केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी ने झूठ फैलाया और गृह मंत्री अमित शाह के वीडियो को तोड़-मरोड़कर दिखाया, जिससे गलत संदेश गया।

बीजेपी सांसदों का संयम
केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि भाजपा सांसदों ने पूरी घटना के दौरान संयम दिखाया है। उन्होंने कहा, "हमने कभी शारीरिक हिंसा का सहारा नहीं लिया। हम हमेशा अपनी बात को शांति से रखते हैं।" रिजिजू ने यह भी कहा कि भाजपा-एनडीए के सांसद धक्का-मुक्की या किसी प्रकार की हिंसा में शामिल नहीं होते हैं, बल्कि वे लोकतांत्रिक तरीके से अपने विचार व्यक्त करते हैं।

कांग्रेस का जवाब
कांग्रेस ने भाजपा द्वारा लगाए गए आरोपों को पूरी तरह से नकारा और इसे भाजपा की राजनीति का हिस्सा बताया। कांग्रेस ने कहा कि भाजपा हमेशा ऐसे मुद्दों को उठाकर असल मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश करती है। कांग्रेस का कहना था कि राहुल गांधी ने कभी किसी सांसद को जानबूझकर धक्का नहीं दिया और यह आरोप पूरी तरह से झूठे हैं।

admin

Related Posts

अजित पवार की मौत पर सियासत तेज: ममता बोलीं– सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हो जांच, भरोसा खत्म

कोलकाता महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के वरिष्ठ नेता अजित पवार का बुधवार सुबह एक दुखद विमान दुर्घटना में निधन हो गया। यह हादसा पुणे जिले के…

‘अयोध्या से कटियार ही लड़ें’— बृजभूषण शरण सिंह का बड़ा बयान, सियासत में साजिश का आरोप

गोंडा कैसरगंज के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा है कि अयोध्या लोकसभा सीट पर पहला हक विनय कटियार का है और उन्हें ही चुनाव लड़ना चाहिए। उन्होंने यह…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति