कलेक्टर ने अनुसूचित जनजाति के युवाओं को ऋण देने में कोताही बरतने पर बैंक अधिकारियों को कड़ी फटकार

बलौदाबाजार

अनुसूचित जनजाति के युवाओं को ऋण देने में कोताही बरतने और शासकीय योजनाओं पर त्वरित क्रियान्वित नहीं करने पर कलेक्टर दीपक सोनी ने बैंक अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए सख्त कार्रवाई करने की बात कही.

जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति की बैठक में बैंकों की कार्यप्रणाली से कलेक्टर नाखुश नजर आए. कलेक्टर दीपक सोनी ने दो टूक कहा है कि सरकारी योजनाओं के तहत हितग्राहियों को दिए जा रहे अनुदान राशि का समायोजन उनके द्वारा निजी तौर पर लिए गए बैंक ऋण के विरुद्ध नहीं किया जाएगा. यदि कोई बैंक ऐसा करते पाया गया तो उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जायेगी.

कलेक्टर ने जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति की बैठक में कुछ बैंकों द्वारा ऐसी हरकतों की शिकायत मिलने पर इस आशय के कड़े निर्देश दिए हैं. उन्होंने बैंकों द्वारा अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के युवाओं को स्वरोजगार के लिए ऋण देने में रुचि नहीं दिखाने पर बैंक अधिकारियों को फटकार भी लगाई है. जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित बैठक में अपर कलेक्टर अभिषेक गुप्ता और एलडीएम बिनाय राय चौहान विशेष रूप से उपस्थित थे.

कलेक्टर सोनी ने परामर्शदात्री समिति की तिमाही समीक्षा बैठक में बैंकों के काम-काज और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में प्रगति की बैंकवार विस्तृत समीक्षा की. उन्होंने कहा कि बैंक लोन का प्रवाह ग्रामीणों और किसानों की ओर प्राथमिकता से ज्यादा होने चाहिए. रिज़र्व बैंक के इस सम्बन्धी दिशा-निर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन किया जाना चाहिये.

कलेक्टर ने जिला व्यापार एवं उद्योग विभाग, खादी ग्रामोद्योग, राष्ट्रीय शहरीय आजीविका मिशन, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविक मिशन, जिला अंतयाव्यसायी सहित अन्य विभागों द्वारा संचालित विभिन्न स्वरोजगार मूलक योजनाओं में अधिक ऋण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए है. उन्होंने प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना और जीवन सुरक्षा योजना क्षतिपूर्ति की भी जानकारी ली.

कलेक्टर ने पंचायत सचिव और सांख्यिकी विभाग से मृत्यु के आंकड़ों से मिलान कर शत-प्रतिशत हितग्राहियों को लाभ दिलाने के निर्देश दिए. इस दौरान जिला व्यापार एवं उद्योग विभाग की योजनाओं में भी अपेक्षित प्रगति नहीं मिली है. कलेक्टर ने योजनाओं में अत्यंत धीमी प्रगति पर गहरी नाराजगी दिखाई. बैंकों में प्रस्तुत 123 प्रकरणों में केवल 25 प्रकरण ही स्वीकृत किये गए हैं. उन्होंने 10 जनवरी तक सभी पुराने प्रकरणों का निराकरण करने के लिए बैंकों को निर्देशित किया. इसके साथ ही अंत्यावसायी समिति के अधिकारियों को बैंकों में लक्ष्य के अनुरूप प्रकरण भेजने के निर्देश दिए.

कलेक्टर ने सभी हितग्राही मूलक योजनाओं के प्रकरणों में जल्द निर्णय लेने के निर्देश दिए. यदि कोई केस स्वीकृत करने योग्य नहीं है,तो उचित कारण बताते हुए निरस्त किया जाये. एलडीएम चौहान ने कलेक्टर के निर्देश और समिति में लिए गए निर्णयों के अनुरूप भविष्य में प्रगति लाने का बैंकों की ओर से भरोसा दिलाया और अंत में उपस्थित सभी अधिकारियों के प्रति आभार प्रकट किया.

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