छत्तीसगढ़ में ’टीबी मुक्त भारत अभियान’ पूरी मुस्तैदी से संचालित: मुख्यमंत्री साय

 

केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री नड्डा की अध्यक्षता में अभियान की समीक्षा के लिए आयोजित वर्चुअल बैठक में शामिल हुए मुख्यमंत्री

रायपुर

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जे. पी. नड्डा की अध्यक्षता में ’टीबी मुक्त भारत अभियान’ की प्रगति की समीक्षा के लिए आयोजित वर्चुअल बैठक में शामिल हुए। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के वर्ष 2025 तक टीबी मुक्त भारत बनाने के लिए शुरू किए गए अभियान के तहत छत्तीसगढ़ में टीबी मरीजों की स्क्रीनिंग, उपचार और निदान के लिए किए जा रहे कार्यो की विस्तार से जानकारी दी। बैठक में छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, विशेष सचिव स्वास्थ्य डॉ. प्रियंका शुक्ला और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के प्रबंध संचालक श्री विजय दयाराम के. उपस्थित थे।

           मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में टीबी मुक्त भारत अभियान का संचालन पूरी मुस्तैदी के साथ किया जा रहा है। 7 दिसंबर को अभियान की शुरूआत के बाद अब तक 11 लाख 23 हजार 924 लोगों की स्क्रीनिंग की गई है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में निक्षय पोषण योजना के तहत टीबी मरीजों के बैंक खातों में पोषण आहार के लिए 1000 रूपए की राशि का भुगतान किया जा रहा है। टीबी मरीजों के पोषण आहार उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश में अब तक 10,447 निक्षय मित्र पंजीकृत हुए हैं। सुकमा जैसे दूरस्थ जिले में सभी 66 सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी निक्षय मित्र के रूप में पंजीकृत है।  

           मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि बस्तर अंचल के तोकापाल क्षेत्र में स्वास्थ्य कर्मी स्थानीय बोली हल्बी में गीत-संगीत के माध्यम से अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार कर रहे हैं। अभियान के तहत 963 निक्षय शिविर आयोजित किए गए हैं।  

          मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के निर्देशानुसार तय समय में अभियान के लक्ष्य पूरे किए जाएंगे। अभियान में निजी क्षेत्र की भागीदारी भी सुनिश्चित की जा रही है, जिससे टीबी मरीजों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। निजी क्षेत्र की भागीदारी एवं जन भागीदारी के तहत मॉलबाओ डायग्नोस्टिक्स द्वारा 2 हेंड हेल्ड एक्स-रे मशीन और 2 ट्रू-नॉट मशीन, मोबाइल यूनिट्स में उपयोग किए जा रहे हैं। इस वाहन का उपयोग निक्षय वाहन के रूप में किया जा रहा है।

  • admin

    Related Posts

    अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

    अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

    मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

    रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति