मध्य प्रदेश में बीजेपी ने 18 मंडल अध्यक्ष के चुनाव निरस्त किये, मंडल अध्यक्ष बनने के लिए नेताओं ने अपनी उम्र छुपाई

भोपाल

मध्य प्रदेश में बीजेपी के संगठन चुनाव हो रहे हैं, जहां संगठन में नए पदाधिकारियों की नियुक्तियां चल रही हैं. संगठनात्मक रूप से मध्य प्रदेश में बीजेपी के 60 जिले हैं, जिसमें मंडल अध्यक्ष चुने जाते हैं. लेकिन प्रदेश में बीजेपी ने 18 मंडल अध्यक्षों के चुनाव निरस्त कर दिए हैं, क्योंकि बीजेपी की चुनाव समिति के पास करीब 100 शिकायतें पहुंची थी, जहां जांच में यह बात सामने आई है कि कई जगह नेताओं ने अपनी उम्र छुपाई है. ऐसे में चुनाव निरस्त कर दिए गए. वहीं जो शिकायतें बीजेपी की चुनाव समिति के पास पहुंची हैं, उनका निराकरण भी जल्द किया जा सकता है.

सिवनी जिले में सबसे ज्यादा

दरअसल, बताया जा रहा है कि डेढ़ दर्जन ऐसे मंडल हैं, जहां पर अध्यक्ष बनने के लिए नेताओं ने अपनी उम्र घटाकर संगठन को बताई थी, ऐसे में जांच के बाद 18 मंडलों के चुनाव ही आधिकारिक तौर पर निरस्त कर दिए गए हैं, जिसमें सबसे ज्यादा मंडल अध्यक्ष सिवनी जिले के हैं. क्योंकि बीजेपी ने मंडल अध्यक्ष के पद के लिए उम्र का क्राइटेरिया 45 साल तय किया था, इसके अलावा उन नेताओं को भी मंडल अध्यक्ष नहीं बनाने के निर्देश दिए थे जिनका आपराधिक रिकॉर्ड रहा हो, या फिर किसी नेता ने भविष्य में पार्टी के खिलाफ काम किया था. इसलिए बीजेपी ने इस बार चुनावी संगठन में इन सभी बातों का विशेष ध्यान रखने की बात कही थी.

यहां के चुनाव हुए निरस्त

सिवनी जिले में उत्तर सिवनी, बंडोल, बीजादेवरी, सुकतरा, कुरई में मंडल अध्यक्ष के चुनाव निरस्त कर दिए हैं.  वहीं बड़वानी जिले में अंजड़, चाचरिया, पानसेमल में भी मंडल अध्यक्ष के चुनाव निरस्त हुए हैं. जबकि राजगढ़ जिले में बोड़ा, गुलाबता और तलेन में भी मंडल अध्यक्षों की नियुक्तियों को निरस्त कर दिया है.

    सिंगरौली जिले के निवास
    टीकमगढ़ जिले के लिधौरा
    श्योपुर जिले के पाण्डौला
    खरगोन जिले के गोगांवां
    पन्ना जिले के गुन्नौर
    छतरपुर जिले के गौरिहार
    धार जिले के सादलपुर  

वहीं मंडल अध्यक्षों और संगठन के चुनाव को लेकर बीजेपी के संगठन चुनाव अधिकारी और पूर्व सांसद विवेक शेजवलकर का कहना है कि मंडस अध्यक्षों के चुनाव की लगभग प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. कुछ आपत्तियां आई थी, उनका भी समाधान भी कर दिया गया है. अंतिम परिणाम भी जल्द ही सामने आ जाएगा. वहीं जिन लोगों ने आपत्तियां जताई हैं उनका निराकरण भी जल्द किया जाएगा. 

admin

Related Posts

अजित पवार की मौत पर सियासत तेज: ममता बोलीं– सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हो जांच, भरोसा खत्म

कोलकाता महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के वरिष्ठ नेता अजित पवार का बुधवार सुबह एक दुखद विमान दुर्घटना में निधन हो गया। यह हादसा पुणे जिले के…

‘अयोध्या से कटियार ही लड़ें’— बृजभूषण शरण सिंह का बड़ा बयान, सियासत में साजिश का आरोप

गोंडा कैसरगंज के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा है कि अयोध्या लोकसभा सीट पर पहला हक विनय कटियार का है और उन्हें ही चुनाव लड़ना चाहिए। उन्होंने यह…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति