भजनलाल शर्मा ने संसद और बाबा साहब डॉ. अंबेडकर के नाम पर चल रही राजनीति के बीच कांग्रेस पर गंभीर सवाल उठाए

जयपुर
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने संसद और बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के नाम पर चल रही राजनीति के बीच कांग्रेस पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने संविधान निर्माता बाबा साहब को न केवल अनदेखा किया, बल्कि उनके योगदान का बार-बार अपमान भी किया है। मुख्यमंत्री ने जयपुर पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि कांग्रेस संविधान निर्माता के नाम का इस्तेमाल कर रही है, लेकिन उनके वास्तविक योगदान को कभी सम्मान नहीं दिया। बयान में यह भी जोड़ा गया कि कांग्रेस को "शर्म" करनी चाहिए और अपने इतिहास का पुनर्मूल्यांकन करना चाहिए। बाबा साहब ने सामाजिक अधिकार और सशक्तिकरण के लिए जो कार्य किए, उन्हें कांग्रेस ने लगातार कमजोर किया।

आरोपों में यह भी शामिल है कि कांग्रेस ने बाबा साहब के नाम का उपयोग केवल राजनीतिक लाभ के लिए किया। इसके विपरीत, मौजूदा सरकार ने बाबा साहब की स्मृति को सम्मानित करने के लिए कई कदम उठाए, जैसे अंबेडकर सेंटर और अंबेडकर स्मृति स्थल का निर्माण।

उन्होंने कहा कि विपक्ष की भूमिका और भारतीय राजनीति में बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के योगदान को लेकर एक बार फिर से सवाल उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष वह भूमिका नहीं निभा पा रहा है, जो आजादी के बाद से निभाई जानी चाहिए थी। बाबा साहब अंबेडकर, जो देश के पहले कानून मंत्री थे, ने समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को मुख्यधारा में लाने के लिए ऐतिहासिक कार्य किए।

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने बाबा साहब के योगदान को कभी पूरी तरह सम्मान नहीं दिया। 1954 में बाबा साहब ने चुनाव लड़ा, लेकिन कांग्रेस ने उनका विरोध किया। यहां तक कि उन्हें भारत रत्न देने में भी देरी की गई। कांग्रेस पर जाति और धर्म की राजनीति करने और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने के भी आरोप लगाए गए। राहुल गांधी का नाम लेते हुए कहा गया कि कांग्रेस में सांसदों को अपमानित करने की घटनाएं आम हो गई हैं। इस दौरान यह भी कहा गया कि मौजूदा मोदी सरकार ने दिल्ली में अंबेडकर सेंटर और अंबेडकर हाउस बनाकर बाबा साहब की स्मृति को सम्मानित करने का काम किया है। इसके अलावा, अंबेडकर स्मृति स्थल का भी निर्माण किया गया।

सीएम भजनलाल ने तीखा हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस के पास आज कोई ठोस मुद्दा नहीं है। कांग्रेस ने देश के विकास और अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के कल्याण पर कभी ध्यान नहीं दिया। कांग्रेस हमेशा सत्ता के लालच में रही और जब जनता ने उन्हें सत्ता से बाहर किया, तो उनका "अंदर का बड़ा दर्द" अब सामने आ रहा है।

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