अग्नि चीता जंगल लौटते समय आधी रात को शहर की सड़कों पर दौड़ लगाती कैमरे में हुई कैद, किया शिकार

 श्योपुर

कूनो नेशनल पार्क के खुले जंगल से निकलकर 90 किलोमीटर दूर श्योपुर के नजदीक पहुंचे चीते ने चार दिनों बाद शहर के रास्ते वापस जंगल की ओर रवानगी ले ली है. खास बात यह है कि चीता जंगल लौटते समय आधी रात को शहर की सड़कों पर दौड़ लगाता कैमरे में कैद हुआ है. अब चीता वापस जंगल की ओर रुख कर गया है. बताया जा रहा है कि वह अब कूनो के बफर जोन में जा पहुंचा है.

पिछले शनिवार को कूनो की हद छोड़ 90 किलोमोटर की दूरी तय कर चीता अग्नि श्योपुर शहर से सटे ढेंगदा गांव और शहरी सीमा में पॉलिटेक्निक कॉलेज के पास अमराल नदी के किनारे लगी क्रेशर के कुछ दूर आया और बीते 4 दिन तक आसपास ही चहल कदमी करता रहा. चीते की निगरानी में ट्रेकिंग टीमें 24 घंटे लगी थी.

वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक अग्नि चीता गोरस कलमी के बीच भीमलत गांव के पास है। उधर अग्नि साथ छोड़ा गया वायु चीता मुरैना की ओर घूम रहा है। अभी दो ही चीते बाहर हैं, बाकी 10 चीते और 12 शावक बाड़े में हैं। इसके पहले भी चीता अग्नि श्योपुर में सीएम राइज स्कूल के करीब देखी गई थी। इसका वीडियो तब भी वायरल हो रहा था।

इसी बीच, मंगलवार-बुधवार की दरम्यानी रात चीता शहर के वीर सावरकर स्टेडियम के पास देखा गया. फिर आधी रात को ही श्योपुर शिवपुरी हाइवे पर निकल पड़ा. और चीता स्टेडियम, कलेक्ट्रेट और ईको सैंटर होते हुए बावंदा नाले तक सड़क पर दौड़ लगाता कैमरे के कैद हुआ. चीता के पीछे ट्रेकिंग टीम की गाड़ी लगी रही.

बुधवार को चीता अग्नि को लोकेशन भेला भीम लत गांव के पास बताई जा रही है. इस इलाके से सामान्य और कूनो वन मंडल का बफर जोन का जंगल लगा हुआ है. कयास लगाए जा रहे हैं कि चीता अब कूनो वापस लौट जाएगा.

पता हो कि कूनो नेशनल पार्क के खुले जंगल में अग्नि और वायु नाम के दो चीतों को छोड़ा गया था. यह दोनों चीते साउथ अफ्रीका से कूनो लाए गए थे जिन्हें पिछले 4 दिसम्बर को खुले जंगल में छोड़ा गया था. दोनों चीते रिश्ते में सगे भाई हैं, जो हमेशा एक साथ रहते हैं और एक साथ शिकार करते हैं और मिल बांटकर उस शिकार को खाकर अपना पेट भरते हैं. पहली दफा यह दोनों अलग हुए थे. दोनों अलग-अलग दिशा में कूनो के रिज़र्व जोन से बाहर निकल गए थे. अब उम्मीद जताई जा रही है कि दोनों एक दूसरे को तलाशते हुए कूनो वापस पहुंच जाएंगे.

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति