मध्यप्रदेश में घर-प्लॉट खरीदना हुआ आसान, 24 घंटे में होगा रजिस्ट्री का काम; जानिए प्रोसेस

भोपाल

मध्य प्रदेश में घर प्लॉट की रजिस्ट्री को लेकर बड़ा बदलाव होने जा रहा है. इस नए सिस्टम के तहत अब लोगों को घर प्लॉट की रजिस्ट्री के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा. दरअसल, एमपी में रेलवे के तत्काल टिकट सिस्टम की तरह घर-प्लॉट की रजिस्ट्री के लिए भी तत्काल सिस्टम लागू होने जा रहा है. यह सिस्टम आने वाले तीन महीने में शुरू हो जाएगा. इस सुविधा के शुरू हो जाने से न तो पंजीयन कार्यालय जाने की जरूरत पड़ेगी और न ही स्लॉट के लिए इंतजार करना पड़ेगा. बल्कि नए सिस्टम के लागू होने के बाद स्लॉट की औपचारिकता पूरी होने पर तत्काल रजिस्ट्री हो जाएगी.

देना होगा अतिरिक्त चार्ज

इसके लिए प्रॉपर्टी खरीदने वाले को अतिरिक्त चार्ज देना होगा. हालांकि यह चार्ज कितना होगा, यह तय नहीं हुआ है. लेकिन माना जा रहा है कि यह एक्स्ट्रा चार्ज 3000 रुपए तक हो सकता है. बताते चले कि छत्तीसगढ़ में तत्काल रजिस्ट्री के लिए 25 हजार रुपए चार्ज लगता है. जबकि गोवा में तत्काल रजिस्ट्री के लिए 50 हजार से 2 लाख रुपए तक एक्स्ट्रा चार्ज देना पड़ता है.

इन राज्यों में है सबसे अधिक फीस

गौरतलब है कि गोवा और छत्तीसगढ़ के अलावा कर्नाटक, महाराष्ट्र और हरियाणा में भी लोगों को तत्काल रजिस्ट्री की सुविधा उपलब्ध है. लेकिन इन प्रदेशों में तत्काल रजिस्ट्री की फीस बहुत अधिक ली जाती है. पंजीयन से जुड़े अधिकारियों की मानें तो मध्य प्रदेश में बाकि राज्यों की तुलना में बहुत कम फीस लगेगी. एमपी में तत्काल रजिस्ट्री की सुविधा लागू होने के बाद ऑनलाइन ही स्लॉट बुक हो जाएगा और उसी दिन रजिस्ट्री भी हो जाएगी. प्रकिया जैसे ही पूरी होगी वैसे ही रजिस्ट्री का पीडीएफ आपके मोबाइल पर चला जाएगा.

जानिए क्या है रजिस्ट्री का प्रोसेस

जिल जिले में जमीन खरीद-फरोख करनी होगी, उस जिले के पंजीयन कार्यलम में कम से कम एक दिन पहले स्लॉट बुक करना होता है. यह स्लॉट सरकार के चिह्नित सर्विस प्रोवाइडर के जरिए बुक होता है. इसके अगले दिन दोनों पक्षों को गवाहों और दस्तावेजों के साथ हाजिर होना पड़ता है.

ऑनलाइन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से

ऑनलाइन बुकिंग के लिए भी एक दिन पहले सर्विस प्रोवाइडर के जरिए स्लॉट बुक करना होता है. इसके बाद इसकी डिटेल रजिस्टार के लॉग इन पर चली जाएगी. इसके बाद अगले दिन निर्धारित समय पर संपदा-2 पोर्टल के जरिए ऑनलाइन जुड़ना होता है. लेकिन इसमें दोनों पक्ष का एक जगह-एक साथ होना अनिवार्य होता है.

तत्काल बुकिंग की प्रकिया

तत्काल स्लॉट बुकिंग के लिए आईजी पंजीयन कार्यालय में एक सेंटर बनाया जा रहा है. इसमें तत्काल रजिस्ट्री के लिए अलग टीम बनाई जाएगी. शुरुआत में तत्काल रजिस्ट्री प्रकिया के लिए 5 सब-रजिस्ट्रार तैनात रहेंगे. बाद में डिमांड को देखते हुए इनकी संख्या बढ़ाई जा सकती है. जो व्यक्ति तत्काल स्लॉट बुक करेगा, उसे ऑनलाइन वीडियो के माध्यम से जोड़ा जाएगा. तत्काल रजिस्ट्री की सबसे खास बात यह है कि इसके जरिए दुनिया के किसी भी कोने से उसी दिन रजिस्ट्री संभव हो सकेगी.

तीन तरीके से हो सकेगी रजिस्ट्री… तत्काल के लिए पंजीयन ऑफिस में बनेगा अलग सेटअप

1. पंजीयन कार्यालय से : जिस जिले में जमीन की खरीद-फरोख्त करना होती है, उस जिले के पंजीयन कार्यालय में कम से कम एक दिन पहले स्लॉट लेना होता है। सरकार द्वारा चिह्नित सर्विस प्रोवाइडर के जरिए स्लॉट बुक होता है। अगले दिन दोनों पक्षों को गवाहों के साथ दस्तावेज के साथ उपस्थित होना पड़ता है।

2.ऑनलाइन वीडियो कांफ्रेंसिंग से एक दिन पहले सर्विस प्रोवाइडर के माध्यम से स्लॉट बुक करना होता है। यह सब रजिस्टार के लॉगइन पर चला जाएगा। अगले दिन तय समय पर संपदा-2 पोर्टल के जरिए ऑनलाइन जुड़ना होता है। इसमें दोनों पक्ष का एक जगह एक साथ होना अनिवार्य होता है।

3. तत्काल स्लॉट से : इसके लिए आईजी पंजीयन कार्यालय में एक सेंटर बनाया जा रहा है। इसमें तत्काल रजिस्ट्री के लिए अलग टीम रहेगी। शुरुआत में 5 सब-रजिस्ट्रार तैनात रहेंगे। बाद में इनकी संख्या बढ़ाई जा सकती है। जो व्यक्ति तत्काल स्लॉट बुक करेगा, वह ऑनलाइन वीडियो के जरिए जुड़ जाएगा।

ये फायदे…

1. ऑनलाइन ही स्लॉट बुक हो जाएगा और उसी दिन रजिस्ट्री भी हो जाएगी।

2. प्रक्रिया पूरी होते ही रजिस्ट्री की पीडीएफ आपके मोबाइल पर होगी।

देश में प्रदेश में यह व्यवस्था है

अभी ऑफलाइन के साथ ऑनलाइन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से रजिस्ट्री की सुविधा है। हमारा प्रयास है कि लोगों को रजिस्ट्री के लिए एक दिन का भी इंतजार न करना पड़े। – स्वप्नेश शर्मा, वरिष्ठ जिला पंजीयक भोपाल

तत्काल में इस तरह होगी प्रक्रिया जो भी व्यक्ति तत्काल रजिस्ट्री के लिए स्लॉट बुक करेगा, वह संपदा 2 पोर्टल के जरिए ऑनलाइन वीडियो से जुड़ जाएगा। इसमें जमीन बेचने वाला और खरीदने वाला, दोनों पक्ष एक साथ एक ही जगह होना अनिवार्य रहेगा। उन्हें अपने साथ अपना पहचान पत्र भी रखना होगा। लॉगइन करते ही ही संबंधित पक्ष के आधार नंबर से लिंक मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी आएगा। यह ओटीपी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े सब-रजिस्ट्रार को बताना होगा। ओटीपी के सत्यापित होते ही रजिस्ट्री के लिए आगे की प्रक्रिया शुरू होगी। सब कुछ सही होने पर रजिस्ट्री पूरी हो जाएगी।

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