पूरे मध्यकालीन भारत इतिहास में कुंभ का उल्लेख मिलता : गजेंद्र सिंह शेखावत

जोधपुर
 केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने  कहा कि इस बार का महाकुंभ दिव्य और भव्य होगा। इस दौरान भारत की सांस्कृतिक धरोहर की झलक देखने को मिलेगी।

उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि वैदिक सभ्यता से लेकर के महाभारत काल में गुप्त शासन काल में चालुक्य वंश के समय में और उसके बाद पूरे मध्यकालीन भारत इतिहास में कुंभ का उल्लेख मिलता है। पिछले कुंभ में लगभग 20 करोड़ लोगों ने स्नान किया था। इस बार लगभग 45 करोड़ लोग महाकुंभ का गवाह बनेंगे। इस बड़े आयोजन को सफल बनाने के मद्देनजर उत्तर प्रदेश सरकार और भारत सरकार मिलकर व्यापक स्तर पर काम कर रही हैं।

उन्होंने आगे कहा कि वहां डेढ़ लाख से ज्यादा शौचालय बनाए गए हैं। कुंभ में आने वाले कल्पवासी जो पूरे समय में रहकर के वहां पर कल्प साधना करते हैं, उनकी संख्या 10 लाख की बजाय 20 लाख के आसपास रहने वाली है। जो पूरे समय में एक स्थान पर रहेंगे। उन सबके लिए कुंभ एक अच्छा अनुभव देने वाला ऐसा कुंभ बने, इसको लेकर के संस्कृति एवं पर्यटन मंत्रालय कम कर रहा है। वहीं 20 लाख विदेशी सैलानी महाकुंभ में आने वाले है। इस बार का कुंभ दुनिया के लिए ऐसा अवसर होगा, जहां भारत की सांस्कृतिक धरोहर की झलक देखने को मिलेगी।

हर 12 साल में एक बार आयोजित होने वाला महाकुंभ 13 जनवरी से शुरू होकर 26 फरवरी 2025 को प्रयागराज में समाप्त होने वाला है। महाकुंभ मेला न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति, सामाजिक एकता और श्रद्धा का भी प्रतीक है। इस बार महाकुंभ मेला 2025 में प्रयागराज में आयोजित किया जा रहा है।

इससे पहले 2013 में प्रयागराज में महाकुंभ का आयोजन हुआ था। महाकुंभ में विभिन्न अखाड़ों के साधु-संत भी जुटते हैं। इस दौरान वह हवन, पूजा और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेते हैं। महाकुंभ में कुछ विशिष्ट दिनों को शाही स्नान के रूप में मनाया जाता है। इसमें श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ता है।

 

 

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