शहर के बस स्टैंड पर खड़े ट्रक में LPG सिलेंडर में ब्लास्ट, ड्राइवर ने कूद कर बचाई जान

विदिशा
शहर के बस स्टैंड पर शुक्रवार को एक ट्रक में आग लग गई। आग लगते की ट्रक में रखा सिलेंडर ब्लास्ट हो गया, गनीमत रही कि कोई जनहानि नहीं हुई। जिस वक्त घटना हुई उस समय ट्रक चालक अंदर भोजन पका रहा था, उसी वक्त सिलेंडर के पाइप ने आग पकड़ ली। फायरब्रिगेड ने आग पर काबू पाया लेकिन आग इतनी तेज थी कि ट्रक के आगे का हिस्सा पूरी तरह से जलकर खाक हो गया।

ट्रक में खाना बना रहे ड्राइवर की बची जा
ट्रक के चालक दयाराम आदिवासी ने बताया कि ट्रक खराब हो गया था, इसलिए सुधरवाने के लिए बस स्टैंड आए थे, शाम हो गई थी, इसलिए वह ट्रक के केबिन के अंदर ही बैठकर भोजन बनाने लगा। भोजन बनाते वक्त अचानक सिलेंडर के पाइप ने आग पकड़ ली, अचानक गैस लीकेज के बाद आग फैल गई, उसने ट्रक से बाहर कूदकर अपनी जान बचाई। चालक ने बताया कि आग में उसके बाल झुलस गए थे। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति