प्रयागराज में हो रहे महाकुंभ में अब श्रद्धालुओं को राह दिखाएंगे 800 साइनेजेस

प्रयागराज
इस बार महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं को घाट और आश्रमों तक पहुंचने में भटकना नहीं पड़ेगा। इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर मेला प्रशासन ने विशेष इंतजाम किए हैं। सीएम योगी की मंशा के अनुरूप महाकुंभ नगर के रास्तों की सटीक जानकारी श्रद्धालुओं को मिल सके, इसके लिए सिर्फ मेला क्षेत्र में 800 साइनेजेस लगाने का कार्य तेजी से किया जा रहा है।

अब तक कुल मिलाकर 400 से अधिक साइनेजेस की स्थापना कर दी गई है, जबकि 31 दिसंबर तक सभी 800 साइनेजेस लगाने का कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। पीडब्ल्यूडी इसकी तैयारियों में जुटा हुआ है। प्रतिदिन 100 साइनेजेस की स्थापना का लक्ष्य लेकर कार्य किया जा रहा है। महाकुंभ में देश के अलग-अलग प्रांतों से करोड़ों लोग आएंगे। इसके अतिरिक्त दुनिया के कई अन्य देशों से भी श्रद्धालु यहां संगम में आस्था की डुबकी लगाने और पुण्य कमाने के लिए आएंगे। ऐसे में भाषायी समस्या न आने पाए, इसका विशेष ध्यान रखा गया है। इसी क्रम में पीडब्ल्यूडी ने सीएम योगी के निर्देश पर विभिन्न भाषाओं में साइनेजेस स्थापित किए हैं। इसमें हिंदी और अंग्रेजी भाषाओं के साथ अन्य राज्यों की भाषाओं को भी प्रमुखता दी गई है।

उल्लेखनीय है कि सीएम योगी ने बड़ी संख्या में लोगों के प्रयागराज आने की संभावनाओं को देखते हुए भाषायी समस्याओं को दूर करने के लिए निर्देश दिए थे। इसी क्रम में पीडब्ल्यूडी की ओर से यह कदम उठाया गया है। इन साइनेजेस की मदद से किसी भी राज्य से आने वाले श्रद्धालुओं को घाट और आश्रमों तक पहुंचने में किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं आएगी।

पीडब्ल्यूडी प्रयागराज के मुख्य अभियंता एके द्विवेदी ने बताया कि विभागीय टीम युद्ध स्तर पर साइनेजेस लगाने के कार्य में जुटी है। केवल मेला क्षेत्र में 800 साइनेजेस लगाने का लक्ष्य है, इसमें से 400 साइनेजेस स्थापित कर दिए गए हैं। प्रतिदिन 100 साइनेजेस स्थापित करने के लक्ष्य के साथ कार्य किया जा रहा है। हर हाल में पूरे मेला क्षेत्र में सभी 800 साइनेजेस लगाने का कार्य 31 दिसंबर से पहले पूर्ण कर लिया जाएगा। इसी तरह पांटून ब्रिजों को भी तेजी से क्रियाशील किया जा रहा है। गुरुवार शाम तक 28 पांटून ब्रिज पूर्ण कर लिए गए हैं। कुछ ब्रिज में थोड़ा बहुत काम बाकी है, लेकिन जल्द ही सभी को क्रियाशील कर दिया जाएगा। शेष 2 ब्रिज भी 31 द‍िसंबर से पहले पूर्ण कर लिए जाएंगे।

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति