छत्तीसगढ़ में नए डीजीपी की तलाश तेज , साय सरकार ने केंद्र सरकार को तीन अफसरों के नाम भेजे

रायपुर

छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के नए डीजीपी के लिए तीन पुलिस अधिकारियों के नाम केंद्र सरकार को भेजे हैं. राज्य सरकार ने दूसरी बार नाम भेजे हैं. माना जा रहा है कि आने वाले एक दो दिनों में केंद्रीय गृहमंत्रालय की तरफ से छत्तीसगढ़ के नए डीजीपी की नियुक्ति पर मुहर लग सकती है. बता दें कि जो प्रस्ताव पहले भेजा गया था, उसमें कुछ जानकारियों का आभाव होने की वजह से प्रस्ताव को लौटा दिया गया था, ऐसे में अब फिर से केंद्र सरकार को नया प्रस्ताव भेजा गया है. वर्तमान डीजीपी अशोक जुनेजा का कार्यकाल फरवरी 2025 में खत्म हो जाएगा, ऐसे में राज्य में नए डीजीपी की नियुक्ति होनी है.

साय सरकार ने भेजे यह तीन नाम

विष्णुदेव साय सरकार ने छत्तीसगढ़ के नए डीजीपी के लिए तीन पुलिस अधिकारियों के नाम भेजे हैं, उनमें पवन देव, अरुण देव गौतम और हिमांशु गुप्ता का नाम शामिल है. वर्तमान डीजीपी अशोक जुनेजा के बाद पवन देव सबसे ज्यादा सीनियर हैं, उनके बाद 92 बैच के आईपीएस अरुणदेव गौतम हैं, जबकि 94 बैच के हिमांशु गुप्ता है. पहले इस बात की चर्चा भी तेज थी कि वर्तमान डीजीपी का कार्यकाल आगे बढ़ाया जा सकता है, लेकिन नए डीजीपी की तलाश के बाद इस बात की चर्चा तेज हो गई है कि अब फरवरी 2025 तक नए डीजीपी की नियुक्ति पर मुहर लग जाएगी.

अशोक जुनेजा को एक बार मिला एक्सटेंशन

वर्तमान डीजीपी अशोक जुनेजा को एक बार एक्सटेंशन मिल चुका है, राज्य सरकार की तरफ से उन्हें 6 महीने का एक्सटेंशन दिया गया था, उस हिसाब से ही उनका कार्यकाल 5 फरवरी को खत्म हो रहा है. यही वजह है कि नए डीजीपी की तलाश अब तेज हो गई है. बता दें कि 11 नवंबर 2021 को तत्कालीन डीजीपी डीएम अवस्थी को हटाकर अशोक जुनेजा को छत्तीसगढ़ का प्रभारी डीजीपी बनाया गया था, इसके बाद कांग्रेस की भूपेश बघेल सरकार ने उन्हें 5 अगस्त 2022 को पूर्णकालिक डीजीपी बना दिया गया था. वह अगस्त में रिटायर होने वाले थे, लेकिन बाद में राज्य सरकार ने उन्हें 6 महीने का एक्सटेंशन दे दिया था. ऐसे में राज्य सरकार की तरफ से जो तीन नाम भेजे हैं गए हैं इन्हीं तीन अफसरों के परफार्मेंस और विभिन्न मापदंडों के आधार पर उनमें से किसी एक नाम का चयन किया जाएगा. ऐसे माना जा रहा है कि नए साल में छत्तीसगढ़ पुलिस को नया मुखिया मिल जाएगा.

बताया जा रहा है कि राज्य सरकार के पैनल में वरिष्ठता और योग्यता के आधार पर बदलाव किए जाने की संभावना है, माना जा रहा है कि केंद्रीय गृहमंत्रालय और छत्तीसगढ़ सरकार के बीच बैठक के बाद ही कोई एक नाम फाइनल हो सकता है. 

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति