नाओमी ओसाका ने कहा- अगर ऑकलैंड में एएसबी टेनिस क्लासिक में बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पायीं तो खेल से संन्यास ले लेंगी

ऑकलैंड
जापानी की महिला टेनिस स्टार नाओमी ओसाका ने कहा कि अगर ऑकलैंड में एएसबी टेनिस क्लासिक में बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पायीं तो खेल से संन्यास ले लेंगी। ओसाक अक्टूबर में चाइना ओपन में पीठ में आये खिंचाव के बाद से ही टेनिस कोर्ट से दूर हैं। अब वह वापसी करते हुए अपना पहला मुकाबला ऑकलैंड में खेलेंगी। इस टूर्नामेंट में ओसाका का पहला मुकाबला इस्राइल की लिना ग्लूश्को से होगा। ओसाका ने कहा कि इस साल उन्होंने अपने पहले बच्चे के जन्म के लिए लगभग 15 महीने के ब्रेक के बाद अपना पेशेवर करियर फिर से शुरू किया था और वह सत्र के अंत में 58वें स्थान पर रहीं। ओसाका ने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि मैं ऐसी खिलाड़ी हूं जो उम्मीद के अनुरूप प्रदर्शन नहीं रहने पर खेलती रहूं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं टूर पर मौजूद सभी खिलाड़ियों का बहुत सम्मान करती हूं पर मैं अभी अपने जीवन में जिस जगह पर हूं, उसे देखते हुए अगर मैं एक एक तय स्थानसे ऊपर नहीं पहुंचती तो मैं आगे नहीं खेलना चाहूंगी।’’ ओसाका ने कहा, ‘‘अगर मैं उस रैंकिंग पर नहीं पहुंचती हूं जहां मुझे लगता है कि मुझे होना चाहिए तो मैं उसकी जगह पर अपनी बेटी के साथ समय बिताना अधिक पसंद करूंगी। ’’ ओसाका का इस जीत हार का एकल रिकॉर्ड 22-17 रहा है।

 

  • admin

    Related Posts

    AUS vs PAK क्लैश: विश्व कप वार्म-अप में कौन दिखाएगा असली दम?

    नई दिल्ली टी20 विश्व कप से पहले ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान के बीच 3 मैच की सीरीज गुरुवार से शुरू हो रही है। इसके जरिए पाकिस्तानी टीम को विश्व कप की…

    तारीफ कम पड़ेगी — अभिषेक शर्मा ने पावर हिटिंग में क्रिस गेल को छोड़ा पीछे, कैफ का बड़ा बयान

    नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व बल्लेबाज मोहम्मद कैफ ने युवा सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा की प्रशंसा करते हुए कहा है कि वह निरंतरता के साथ आक्रामक बल्लेबाजी के…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति