विक्रम व्यापार मेले का आयोजन प्रदेश की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम: मुख्यमंत्री डॉ.यादव

भोपाल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को उज्जैन में स्मार्ट सिटी कार्यालय के सभा कक्ष में आगामी विक्रमोत्सव-2025 और विक्रम व्यापार मेले के आयोजन की समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में विक्रम व्यापार मेले का आयोजन एक महत्वपूर्ण प्रयास है। सम्राट विक्रमादित्य न्याय, दानशीलता, सुशासन, वीरता की अद्वितीय मिसाल है। वे एक महान शासक थे। उन्होंने न केवल विदेशी आक्रमणकारियों को पराजित कर देश से बाहर किया बल्कि सुशासन के सभी क्षेत्रों में उनका विशेष स्थान रहा है। सम्राट विक्रमादित्य के साहस, पराक्रम और पुरूषार्थ, उनकी कथाएं, उनके द्वारा प्रारंभ किया गया विक्रम संवत्, उनके महान इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में जुड़े हैं। मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि उज्जैन को मूर्तिशील्प का केन्द्र बनाए जाने के लिए कार्य योजना बनाने के निर्देश दिये।

मध्यप्रदेश सरकार ने सम्राट विक्रमादित्य के विभिन्न आयामों को देश और विदेश के सामने लाने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में कार्य प्रारंभ किया है। सम्राट विक्रमादित्य के विक्रम संवत् के प्रवर्तन के अवसर पर उज्जैन में आने वाले दिनों में भव्य आयोजन किया जाएगा। विक्रमादित्य की न्याय परंपरा पर विश्वविद्यालय में सेमीनार का आयोजन किया जाएगा। विक्रम व्यापार मेले में सरकार द्वारा निवेशकों को मंच प्रदान किए जाएंगे। प्रदेश में पर्यटन के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं इन्हें और अधिक विकसित किया जाएगा। उज्जैन में धार्मिक पर्यटकों की संख्या में अत्यंत वृद्धि हुई है।

मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने विक्रम व्यापार मेले के आयोजन और विक्रमोत्सव के आयोजन की समीक्षा की। कलेक्टर श्री नीरज कुमार सिंह ने पॉवर पॉइंट प्रेजेंटेशन से गत वर्ष आयोजित विक्रम व्यापार मेले के बारे में मूलभूत जानकारी दी। बताया गया कि इस वर्ष विक्रम व्यापार मेले के आयोजन के लिए शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर का चयन किया जाना प्रस्तावित है। बैठक में विक्रम व्यापार मेले-2025 के लियिे स्थल के प्रस्तावित ले-आउट, प्रस्तावित दुकानों की जानकारी और आयोजन के संबंध में अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि इस बार के व्यापार मेले में ऑटो एक्स-पो और धार्मिक पर्यटन को भी विशेष बढ़ावा दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेले के आयेाजन का उद्देश्य यह है कि सब लोग आपस में मिलें, एक नए जीवन का संकल्प लें और सभी के जीवन में खुशियाँ आएं।

 बैठक में सांसद बालयोगी उमेशनाथ जी महाराज, प्रभारी मंत्री श्री गौतम टेटवाल, विधायक अनिल जैन कालूहेडा, श्री सतीश मालवीय, श्री जितेन्द्र पण्ड्या, एडीजी श्री उमेश जोगा, संभागायुक्त श्री संजय गुप्ता, डीआईजी श्री नवनीत भसीन, कलेक्टर श्री नीरज कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक श्री प्रदीप शर्मा, सीईओ जिला पंचायत श्रीमती जयति सिंह, विक्रमादित्य शोधपीठ के निदेशक डॉ.श्रीराम तिवारी, डॉ.भगवतीलाल राजपुरोहित, जिला पंचायत की उपाध्यक्ष श्रीमती शिवानी कुँवर, विक्रम विश्वविद्यालय के कुलगुरू प्रो.अर्पण भारद्वाज, नगर निगम आयुक्त श्री आशीष पाठक, श्री बहादुर सिंह बोरमुण्डला, एमपीआईडीसी के श्री राजेश राठौर, श्री विशाल राजोरिया एवं अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद थे।

 

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