जल जीवन मिशन से विश्वप्रसिद्ध पर्यटन ग्राम तीरथगढ़ के हर घर पहुंचा जल

पानी बचाओ मुहिम से जुड़ी महिलाएं जागरूकता की जगा रही अलख

जगदलपुर,

जल जीवन मिशन से विश्वप्रसिद्ध पर्यटन ग्राम तीरथगढ़ के हर घर पहुंचा जलसरकार की एक महत्वपूर्ण योजना जल जीवन मिशन का उद्देश्य ग्रामीण इलाकों में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करना है इस योजना ने न केवल स्वास्थ्य में सुधार किया है, बल्कि ग्रामीणों के जीवन स्तर में भी बड़ा परिवर्तन लाया है। इसी क्रम में जिले के विकासखण्ड दरभा अंतर्गत प्रसिद्ध पर्यटन ग्राम तीरथगढ़ में भी जल जीवन मिशन के द्वारा जलापूर्ति होने से लोगों के जीवन में परिवर्तन आया है। इसी गांव में विश्व प्रसिद्ध जलप्रपात है जो मुनगाबहार नदी से बनता है इसकी सुन्दरता मन को मोह लेने वाली है चारों ओर पहाड़ एवं घने जंगल और हरी-भरी वादियां हैं जो पर्यटको को रोमांच से भर देती है। बाहरी लोगों के सम्पर्क में आने के कारण यहां के ग्रामीणों के जीवन में बाहरी बदलाव भी देखने को मिलता है। महिलाएं दुकान चलाती हैं और पुरूष खेती-किसानी करते हैं।

      तीरथगढ़ के डेढ़ हजार से अधिक की आबादी पहले जलसंकट से जूझ रही थी, मुनगाबहार नदी में नहाने व कपड़ा धोने रोज जाया करते थे। पीने का पानी भी बोरिंग से लाया करते थे, घरेलू जिम्मेदारी का निर्वहन करने वाली महिलाओं को ज्यादा तकलीफ थी। घर से दूर स्थित हैंडपंप से पानी लाने के कारण उनके शरीर में थकान सहित स्वभाव चिड़चिड़ापन हो गया था। लेकिन अब सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना इस गांव में आई और उसने पूरे गांव में बदलाव लाना शुरू कर दिया है। जल जीवन मिशन के अंतर्गत ग्राम तीरथगढ़ में 09 मीटर 10 किलोलीटर के 03 एवं 12 मीटर 10 किलोलीटर के 06 सोलर सिस्टम लगे हैं। जिससे तीरथगढ़ ग्राम पंचायत के सभी पारे-टोले के हर घर में नियमित तौर पर जलापूर्ति किया जा रहा है। साथ ही इस ग्राम पंचायत के 08 स्कूलों, 06 आंगनबाड़ी केंद्रों सहित पंचायत भवन एवं सामुदायिक भवन में भी नल कनेक्शन प्रदान कर जल प्रदाय किया जा रहा है। यहां की सरपंच श्रीमती महेश्वरी कश्यप बताती हैं कि हरेक घर के साथ ही सार्वजनिक भवनों में नल कनेक्शन के जरिए जलापूर्ति से ग्रामीणों को काफी सहूलियत हो रही है और उन्हें अपने खेती-किसानी और अन्य कामकाज के लिए अतिरिक्त समय मिल रहा है। अब गांव की महिलाओं का कहना है कि हमें हैंडपंप से पानी लेकर आना कष्टदायक था, विशेषकर बारिश के मौसम में ज्यादा तकलीफ होती थी।

अब जल जीवन मिशन के जल प्रदाय योजना से स्थिति बदल गई है और हम घर से बाहर निकल कर अन्य काम में ज्यादा समय दे रहे हैं। इन महिलाओं ने सरकार के इस भगीरथ पहल के लिए साधुवाद दिया। इस ग्राम पंचायत में जल वाहिनी से जुड़ी ग्रामीण महिला श्रीमती सुषमा ठाकुर गांव में जल का सदुपयोग सहित पानी बचाने की मुहिम में एक अलग भूमिका निभा रही हैं। वह गांव की महिलाओं के साथ बैठकर उन्हें पानी के महत्व के बारे में बताती हैं और नल से पानी भरने के बाद टोटी को बंद करने की समझाइश देते हुए भावी पीढ़ी के लिए जल की बचत को दूरगामी सोच निरुपित करती हैं। वहीं इस महत्वपूर्ण पहल के लिए निरंतर महिलाओं को प्रोत्साहित कर रही हैं यह उनकी जल संरक्षण के प्रति जीवट लगाव को प्रदर्शित करता है। अब सुषमा की इस मुहिम से जुड़कर महिलाएं समीपस्थ ग्रामों में पानी बचाओ संबंधी जागरूकता की अलख जगा रही हैं।

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