छत्तीसगढ़-बलौदाबाजार में तेज रफ्तार हाइवा की टक्कर से बाइक सवार 3 युवकों की मौके पर मौत

बलौदाबाजार.

छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में बीती रात दर्दनाक सड़क हादसा हो गया, जिसमें 3 लोगों की जान चली गई. यह हादसा कसडोल थाना क्षेत्र के कलमीडीह गांव में हुआ, जहां तेज रफ्तार हाईवा ने मोटरसाइकिल पर सवार तीन युवकों को रौंद दिया. हादसे में तीनों युवकों की मौके पर ही मौत हो गई.

सूचना मिलने पर कसडोल पुलिस मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर तीनों के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए रवाना कर आगे की कार्रवाई में जुट हुई है. जानकारी के मुताबिक, तीनों युवक की पहचान महराजी अर्जुन गांव निवासी के रूप में हुई है. मृतकों के नाम मृत युवकों में राजु कर्ष (23 वर्ष), पिता समारू कर्ष, परमेश्वर पैकरा (22 वर्ष) और दुर्गेश कर्ष ग्राम महराजी है. वे नए साल के मौके पर तुरतुरिया गए हुए थे, वहां से एक ही बाइक पर सवार होकर वे गांव लौट रहे थे. इसी दौरान रात लगभग 12 बजे यह भीषण हादसा हो गया, जिसमें तीनों की दर्दनाक मौत हो गई. प्रशासन की ओर से तत्काल सहायता के रूप में 25-25 हजार रूपए की राशि मृत युवकों के परिजनों को दी गई है.

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति