साइबर थाना रेंज सरगुजा के लिए साल 2024 रहा उपलब्धियों भरा

अंबिकापुर

साइबर थाना रेंज सरगुजा के लिए साल 2024 उपलब्धियों से भरा रहा. प्रदेश में सर्वाधिक आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई की गई. प्रदेश में साइबर फ्रॉड के पीड़ितों को राहत दिलाने में अग्रणी रहा. विभिन्न प्रकरणों में शत-प्रतिशत रिकवरी के साथ विवेचना पूर्ण कर अभियोग पत्र प्रस्तुत किए गए. शेष प्रकरणों में आरोपी चिन्हांकित किए गए. रेंज के अन्य बहुचर्चित एवं गंभीर प्रकरणों को सुलझाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका रही. कुल मिलाकर साइबर के कुल 16 प्रकरणों में 81 आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई कर प्रार्थियों को 1,33,80,481 रुपए दिलाया गया.

पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज सरगुजा के दिशानिर्देश पर रेंज के संबंधित पुलिस अधीक्षक एवं साइबर नोडल अधिकारी के मार्गदर्शन में साइबर थाना की टीम ने देश के विभिन्न राज्यों बिहार, झारखंड, असम, पश्चिमबंगाल, उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा, गुजरात, मध्यप्रदेश, आंध्रप्रदेश, तेलांगाना, केरल, महाराष्ट्र सहित 17 राज्यों में अलग-अलग समय में दबिस देकर 16 प्रकरणों में 81 आरोपियों की पतासाजी कर उनके विरूद्ध वैधानिक कार्रवाई गई. यह छत्तीसगढ़ में साइबर थाना के मामलों में आरोपियों के विरूद्ध की गई सर्वाधिक कार्रवाई रही. साइबर थाना द्वारा 16 प्रकरणों में साइबर फ्रॉड पीड़ितों को 1,33,80481 रुपए की रकम दिलाई गई. यह भी प्रदेश में सर्वाधिक रही.

साइबर थाना की टीम की इसके साथ रेंज के पुलिस महानिरीक्षक द्वारा अन्य जिलों के गंभीर एवं बहुचर्चित प्रकरणों में भी त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी चिन्हांकित, आरोपियों की पतासाजी एवं आरोपियों की गिरफ्तारी में महत्वपूर्ण भूमिका रही. इसके अतिरिक्त साइबर थाना द्वारा विभिन्न शिकायतों, सोशल मीडिया संबंधित प्रकरण व अन्य साइबर संबंधित प्रकरणों का भी त्वरित निराकरण प्रार्थियों को त्वरित राहत दिलाई गई.

साइबर थाना की उपलब्धि में कार्रवाई टीम निरीक्षक कलीम खान, उप निरीक्षक प्रसाद सिन्हा, सहायक उप निरीक्षक प्रवीण राठौर, प्रधान आरक्षक शशिभूषण, धर्मेन्द्र श्रीवास्तव, अमित निकुंज, मिथिलेश पाठक, आरक्षक कुन्दन सिंह, अमरेन्द्र सिंह, प्रवीण सिंह, विवेक किन्डो, सुयश पैकरा, अन्शुल शर्मा व महिला आरक्षक सुषमा पैकरा की महती भूमिका रही.

इसके अतिरिक्त साइबर थाना द्वारा रेंज के सभी साइबर सेल के माध्यम से आम नागरिकों को जागरूकता अभियान चलाकर विभिन्न साइबर अपराधों के बचने के उपाय व साइबर संबंधित अपराधों के लिए प्रयोग किय जाने वाले टोल फ्री नम्बर 1930 के बारे में जागरूक किया गया.

  • admin

    Related Posts

    अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

    अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

    मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

    रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति