ठंड और कोहरे को लेकर आईएमडी ने जारी किया येलो अलर्ट- शीतलहर की चपेट में देश के कई राज्य

जयपुर
देश के कई राज्य शीतलहर की चपेट में हैं। उत्तर भारत में लगातार तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी तो मैदानी क्षेत्रों में सर्द हवा और कोहरे से आम जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया है। नए वर्ष का आगाज शीतलहर से हुआ है। एक जनवरी को पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में ठंड ने गलन बढ़ा दी। अगले एक हफ्ते तक पारा और लुढ़क सकता है। इसे लेकर आईएमडी ने अलर्ट जारी किया है। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश में गुरुवार को तापमान में सुधार के संकेत दिए गए हैं। सुबह के समय यहां तापमान 18 डिग्री सेल्सियस और रात का तापमान 9 डिग्री सेल्सियस होने के आसार जताए गए हैं।

इससे जहां दिन में सर्दी से लोगों को थोड़ी राहत मिलेगी, तो वहीं रात के समय सर्दी बढ़ेगी। श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी सहित अन्य जिलों में तीन जनवरी के लिए मौसम विभाग की तरफ से येलो अलर्ट जारी किया गया है। उधर, उत्तर प्रदेश के छोटे शहरों और कस्बों में भी सर्दी ने लोगों को परेशान कर दिया है। फिरोजाबाद और जौनपुर में हाड़ कंपा देने वाली ठंड से लोग परेशान हैं। सुबह खेत खलिहानों में विजिबिलिटी बेहद खराब रही और दूर तक कोहरे की घनी चादर दिखी।

स्थानीय निवासी ने बताया कि नए साल का दूसरा दिन है और भयंकर कोहरा पड़ रहा है। दूर-दूर तक कुछ भी दिखाई नहीं दे रहे हैं। सड़कें सुनसान पड़ रही है। इस ठंड की वजह से बुजुर्गों और बच्चों को खासा परेशानी हो रही है। तीन जनवरी से उत्तर प्रदेश में मौसम शुष्क रहने की संभावना जताई गई है।

राजस्थान की राजधानी जयपुर में भी गलन बढ़ गई है। लोग सर्दी के कहर से खुद को बचाने के लिए अलाव का सहारा ले रहे हैं। सीकर प्रदेश का सबसे ठंडा इलाका दर्ज किया गया है। यहां न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस रहा है। अजमेर में बुधवार रात तापमान 10 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने आज प्रदेश के कई हिस्सों में शीतलहर की चेतावनी भी जारी की है। कोहरे का प्रभाव आज उत्तरी-दक्षिणी और पूर्वी राजस्थान बताया जा रहा है।

वहीं, पंजाब के अमृतसर का भी कुछ ऐसा ही हाल है। दूर-दूर कुछ नजर नहीं आ रहा है। कोहरे की वजह से लोगों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इस सर्दी के कहर की वजह से लोग अपने घरों से भी बाहर निकलने से बच रहे हैं। लोग यहां ठंड से बचने के लिए आग सेंक रहे हैं। सड़कों पर वाहनों की संख्या भी कम है। गिने चुने वाहन ही नजर आ रहे हैं।

मौसम विभाग ने बठिंडा, मोगा, मानसा, फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर, बरनाला में शीतलहर का येलो अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा, पंजाब के कई जिलों में कोहरे का असर भी देखने को मिल रहा है। कई जिलों में विजीबिलिटी जीरो पर पहुंच गई है। मौसम विभाग ने बताया कि चार जनवरी को मौसम फिर करवट बदल सकता है। चार जनवरी को पंजाब के पठानकोट, अमृतसर, गुरदासपुर, तरनतारन और होशियारपुर में हल्की बारिश होने की संभावना जताई है।

 

  • admin

    Related Posts

    अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

    अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

    मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

    रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति